वो पिला कर जाम लबों से अपनी मोहब्बत का, अब कहते हैं नशे की आदत अच्छी नहीं होती।
काश उन्हें चाहने का अरमान नही होता, में होश में होकर भी अंजान नही होता, ये प्यार ना होता, किसी पत्थर दिल से, या फिर कोई पत्थर दिल इंसान ना होता!
कभी उसने भी हमें चाहत का पैगाम लिखा था, सब कुछ उसने अपना हमारे नाम लिखा था, सुना है आज उनको हमारे जिक्र से भी नफ़रत है, जिसने कभी अपने दिल पर हमारा नाम लिखा था।
नादान इनकी बातो का एतबार ना कर, भूलकर भी इन जालिमो से प्यार ना कर, वो क़यामत तलक तेरे पास ना आयेंगे, इनके आने का नादान तू इन्तजार ना कर!
मेरी चाहत ने उसे खुशी दे दी, बदले में उसने मुझे सिर्फ खामोशी दे दी, खुदा से दुआ मांगी मरने की लेकिन, उसने भी तड़पने के लिए जिन्दगी दे दी!
दिल का दर्द एक राज बनकर रह गया, मेरा भरोसा मजाक बनकर रह गया, दिल के सोदागरो से दिललगी कर बैठे, शायद इसीलिए मेरा प्यार इक अल्फाज बनकर रह गया।
मुस्कुराते पलको पे सनम चले आते हैं, आप क्या जानो कहाँ से हमारे गम आते हैं, आज भी उस मोड़ पर खड़े हैं, जहाँ किसी ने कहा था कि ठहरो हम अभी आते है।
रास्ते खुद ही तबाही के निकाले हम ने, कर दिया दिल किसी पत्थर के हवाले हमने, हाँ मालूम है क्या चीज़ हैं मोहब्बत यारो, अपना ही घर जला कर देखें हैं उजाले हमने।
मेरी बर्बादी पर तू कोई मलाल ना करना, भूल जाना मेरा ख्याल ना करना, हम तेरी ख़ुशी के लिए कफ़न ओढ़ लेंगे, पर तुम मेरी लाश ले कोई सवाल मत करना!
वो बेवफा हमारा इम्तेहा क्या लेगी, मिलेगी नज़रो से नज़रे तो अपनी नज़रे ज़ुका लेगी, उसे मेरी कबर पर दीया मत जलाने देना, वो नादान है यारो.. अपना हाथ जला लेगी।
आज हम उनको बेवफा बताकर आए है, उनके खतो को पानी में बहाकर आए है, कोई निकाल न ले उन्हें पानी से.. इस लिए पानी में भी आग लगा कर आए है।
प्यार करने का हुनर हमें नहीं आता, इसलिए प्यार की बाज़ी हम हार गए, हमारी ज़िन्दगी से उन्हें बहुत प्यार था, सायद इसलिए हमे ज़िंदा ही मार गए!
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