मोहब्बत खुद बताती है, कहाँ किसका ठिकाना है, किसे ऑखों में रखना है, किसे दिल मे बसाना है।
अभी कमसिन हैं जिदें भी हैं निराली उनकी, इसपे मचले हैं हम कि दर्द-ए-जिगर देखेंगे।
बेहतरीन लव शायरी - जाने कितनी रातों की नीदें ले गया वो, जो पल भर मौहब्बत जताने आया था।
वो प्यार जो हकीकत में प्यार होता है, जिन्दगी में सिर्फ एक बार होता है, निगाहों के मिलते मिलते दिल मिल जाये, ऐसा इतेफाक सिर्फ एक बार होता है।
कतरा-कतरा मैं बहकता हूँ तिनका-तिनका मैं बिखरता हूँ, रोम-रोम तू महकता है, जर्रा-जर्रा मैं तुझमें पिघलता हूँ।
मेरी आँखों में तुम अपनी परछाइयाँ देख लेना, फुरसत मिले तो दिल की वीरानियाँ देख लेना, तुम नहीं जानती गर क्या है तुम्हारी अहमियत, जरा पलटकर तुम हमारी कहानियाँ देख लेना।
छोड़ देंगे तेरी दुनिया नजर तुझको ना आएंगे, खुदा के पास जाकर के दास्ताँ तेरी सुनाएंगे।
नशे में चूर होगी तू किसी ग़ैर की बांहों में, दबाकर लकड़ियों में जब मुझे दुनिया जलायेगी।
तड़प कर टूट ही जाएगी मेरे दिल से मेरी साँसें, कफ़न में लिपट कर भी सनम तुझको पुकारेंगे।
रहा नहीं जाता सनम एक पल भी दूर तुमसे, उम्र सारी बिछड़ कर सनम हम कैसे गुजारेंगे।
रह न पाओगे भुला कर देख लो, यकीं न आये तो आजमा कर देख लो, हर जगह महसूस होगी मेरी कमी, अपनी महफ़िल को कितना भी सजा कर देख लो।
तेरे रोज के वादों पे मर जायेंगे हम, यूँ ही गुजरी तो गुजर जायेंगे हम।
बदल जाए चाहे सारा जग पर ना बदलना तुम कभी, ख़्वाबों के खुशनुमा शहर में मिलने आना तुम कभी।
नाराज़ ना होना कभी बस यहीं एक गुज़ारिश है, महकी हुई इन साँसों की साँसों से सिफ़ारिश है।
तुम्हारी तस्वीरों में मुझे अपना साया दिखता है, महसूस करता है जो यह मन वहीं तो लिखता है।
Aftab is offline
Harolduselm is offline
Sweta is offline
Mohd is offline
deep is offline
Shambhu is offline
Kaushik is offline
purnaraj is offline
PiPiche is offline
manoj is offline
Dilman is offline
vikash is offline
Dinesh kumar is offline
Mohd. is offline
Ravi is offline
Please Login or Sign Up to write your book.