जली को आग कहते हैं…!
बुझी को राख कहते हैं…!
जिसका Missed call देखते ही इंसान घर आ जाये…!
उसे “बीवी की धाक” कहते हैं…!
Writer’s notebook
Share your writing ↗The writing of Dileep Kumar
Thoughts, feelings and moments shared with the community.
महिला: भैया सही रेट लगाओ हम हमेशा यही से सामान ले जाते है
दुकानदार:भगवान से डरो बहनजी अभी कल ही इस दुकान की ओपनिंग हुई है |
एक पिता ने अपने बेटे को दो-तीन झापड़ रसीद कर दिए,
थोड़ी देर बाद प्यार से सॉरी बोल दिया।
बेटा:
डैड, एक कागज लो, उसे मोड़ो, रोल बनाओ। वापस उस
कागज को खोलो और देखो क्या वह पहले जैसा ही कड़क है
पिता: नहीं
बेटा:
सही कहा, रिश्ते भी ऐसे ही होते हैं। सॉरी से काम नहीं चलता।
पिता:
बेटा बाहर मेरा स्कूटर खड़ा है।
जाओ और उस पर एक किक मारो।
बताओ क्या वह स्टार्ट हुआ।
बेटा: नहीं हुआ।
पिता: अब तीन-चार किक मारो।
बेटा: स्टार्ट हो गया।
पिता:
तू भी वही स्कूटर है, कागज नहीं।
ज्ञान मत दे मुझे!
GF: बेबी?
BF: या डिअर
GF: तुम हमेशा से मेरे साथ थे, जब मेरा वो भयानक एक्सीडेंट हुआ तब भी,
जब मेरे पाचवे सेमेस्टर में 3 सब्जेक्ट में जीरो आए थे तब भी,
जब मुझे किडनी में पथरी हुई थी तब भी, और
जब मुझे पापा ने गुस्से में घर से निकाल दिया था तब भी..
BF: Aaawww love you baby और में हमेशा तुम्हारे साथ रहूँगा
GF: अरे नई रे मेरे को लग रहा है की शायद तू ही पनोती है!
Your voice belongs here.
Share a thought, a poem or a story with the community.
Start writing ↗