किस हद तक जाना है ये कौन जानता है,
किस मंजिल को पाना है ये कौन जानता है,
दोस्ती के दो पल जी भर के जी लो,
किस रोज़ बिछड जाना है ये कौन जानता है.!
Writer’s notebook
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शायद फिर वो तक़दीर मिल जाये
जीवन के वो हसीं पल मिल जाये
चल फिर से बैठें वो क्लास कि लास्ट बैंच पे
शायद फिर से वो पुराने दोस्त मिल जाएँ ।
दोस्ती अच्छी हो तो रंग़ लाती है
दोस्ती गहरी हो तो सबको भाती है
दोस्ती नादान हो तो टूट जाती है
अगर दोस्ती सच्ची हो
तो इतिहास बनाती है…..
दोस्त को दोस्त का इशारा याद रहेता हे,
हर दोस्त को अपना दोस्ताना याद रहेता हे,
कुछ पल सच्चे दोस्त के साथ तो गुजारो,
वो अफ़साना मौत तक याद रहेता हे|
सबसे अलग सबसे न्यारे हो आप,
तारीफ कभी पुरी ना हो इतने प्यारे हो आप,
आज पता चला कि जमाना क्यों जलता है हमसे,
क्यों कि दोस्त तो आखिर हमारे हो आप…
करनी है खुदा से गुजारिश,
तेरी दोस्ती के सिवा कोई बंदगी न मिले,
हर जनम में मिले दोस्त तेरे जैसा,
या फिर कभी जिंदगी न मिले।
Mangi khushiyan to zindagi de di.
Andhero ne bhi humein roshni de di..
Khuda se pucha mere liye kya haseen tohfa hai.
Jawab mein usne aapki dosti de di.
Har gham ko khushi me badalti hai dosti,
Har ansu ko hasi mey badalti hai dosti,
Kuch log samajh nahi patey ke,
Andheri raat ka diya hai dosti..
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