बीवी पति से:
सुनिये जी वो आदमी जो दारू पी कर नाच रहा है ना,
मैने उसे 10 साल पहले रिजेक्ट कर दिया था
पति:
बताओ, साला अभी तक celebrate कर रहा है !!
Writer’s notebook
Share your writing ↗The writing of Ranu Singh
Thoughts, feelings and moments shared with the community.
एक व्यक्ति मरने के बाद स्वर्ग जाता है वहाँ अरबो घड़िया एक बड़ी दीवार पर लगी हुई थी|
वो परी से पूछता है: इतनी घड़िया क्यों हैं ?
परी : ये “झूठ घड़ी” हैं
जब भी आप धरती पे झूठ बोलते हो तो ये घड़ी चलती है..
आदमी एक बंद घड़ी की ओर इशारा करता है
और पूछता है : ये किसकी घड़ी है …?
परी: ये राजा हरिशचँद्र की है, इनकी सुई कभी नहीं हिली..!
उत्सुकतावश वो पूछ बैठता है
कि नरेन्द्र मोदी की घड़ी कौन सी है… ?
परी : वो हमारे ऑफिस में है,
हम उसे टेबल फैन की तरह इस्तेमाल करते है।
“मशहूर हुए वो जो कभी क़ाबिल ना थे और तो और….
कमबख़्त मंजिल भी उन्हें मिली जो दौड़ में कभी शामिल ना थे
*रामनाथ कोविन्द को समर्पित
आडवाणी जी की कलम से ( दो पैग मारने के बाद)
5 प्रकार के शाकाहारी लोग हमारे भारत देश में
शुद्ध शाकाहारी अंडेवाला केक खा लेता हूँ पर आमलेट नहीं खाता ।
अंडा खाता हूँ पर चिकन नहीं खाता
बाहर खा लेता हूँ पर घर पर नहीं खाता ।
जब पीता हूँ तो खा लेता हूँ, नहीं पीता तो नहीं खाता
दीवाना उस ने कर दिया एक बार देख कर,
हम कर सके न कुछ भी लगातार देख कर।
वो जिसकी याद मे हमने खर्च दी जिन्दगी अपनी,
वो शख्श आज मुझको गैर कह के चला गया।
जो उनकी आँखों से बयां होते हैं,
वो लफ्ज़ शायरी में कहाँ होते हैं।
मोहब्बत हमारी भी, बहुत असर रखती है,
बहुत याद आयेंगे, जरा भूल के तो देखो।
जिन्हे सांसो की महक से ईश्क महसूस ना हो,
वो गुलाब देने भर से हाल-ए-दिल क्या समझेंगे।
नफरत के बाजार में मोहब्बत बेचते है,
कीमत में सिर्फ और सिर्फ दुआ ही लेते है।
हर कदम पर जिन्दगी एक नया मोड लेती है,
कब न जाने किसके साथ एक नया रिशता जोड देती है।
अजीब सा हाल है कुछ इन दिनों तबियत का,
ख़ुशी ख़ुशी नही लगती और ग़म बुरा नही लगता।
क्या अब भी तुमको चरागों की जरुरत है,
हम आ गए है अपनी आँखों में वफ़ा की रौशनी ले कर।
वो पिला कर जाम लबों से अपनी मोहब्बत का,
अब कहते हैं नशे की आदत अच्छी नहीं होती।
हम ने रोती हुई आँखों को हसाया है सदा,
इस से बेहतर इबादत तो नहीं होगी हमसे।
इतनी दिलक़श आँखें होने का, ये मतलब तो नही..
कि, जिसे देखो.. उसे दिवाना कर दो।
जिन्हे सांसो की महक से ईश्क महसूस ना हो,
वो गुलाब देने भर से हाल-ए-दिल क्या समझेंगे।
Aajadi ki kabhi shaam nahi hone denge,
Sahidon ki kurbani badnaam nahi hone denge,
Bachi ho jo ek bund bhi garam lahu ki…
Tab tak bharat ka aanchal nilaam nahi hane denge.
Adhikar milte nahi liye jate hain
Aajad hain magar gulami kiye jate hain
Vandan karo un senaniyon ko
Jo maut ko aanchal mein jiye jate hain…
जशन आज़ादी का मुबारक हो देश वालो को,
फंदे से मोहब्बत थी हम वतन के मतवालो को…
ज़माने भर में मिलते हे आशिक कई ,
मगर वतन से खूबसूरत कोई सनम नहीं होता ,
नोटों में भी लिपट कर, सोने में सिमटकर मरे हे कई ,
मगर तिरंगे से खूबसूरत कोई कफ़न नहीं होता.
राज तो हमारा हर जगह पे है।
पसंद करने वालों के “दिल” में और
नापसंद करने वालों के “दिमाग” में।
आग लगाना
मेरी फितरत में नही है ..
मेरी सादगी से लोग जलें तो
मेरा क्या कसूर ..!!
हुकुमत वो ही करता है
जिसका दिलो पर राज हो!!
वरना यूँ तो
गली के मुर्गो के सर पे भी ताज होता है!!
तेरी मोहब्बत मैं
और मेरी फितरत मैं
फर्क इतना है की….
तेरा Attitude नही जाता
और मुझे झुकना नहीं आता…
Your voice belongs here.
Share a thought, a poem or a story with the community.
Start writing ↗