माता गुरु हैं, पिता भी गुरु हैं,
विद्यालय के अध्यापक भी गुरु है
जिससे भी कुछ सिखा हैं हमने,
हमारे लिए हर वो शख्स गुरु हैं
Teachers Day
The way you teach…
The knowledge you share…
The care you take…
The love you shower..
Makes you…
The world’s best teache
गुरु की उर्जा सूर्य-सी, अम्बर-सा विस्तार,
गुरु की गरिमा से बड़ा, नहीं कहीं आकार।
गुरु का सद्सान्निध्य ही,जग में हैं उपहार,
प्रस्तर को क्षण-क्षण गढ़े, मूरत हो तैयार।
गुरु तेरे उपकार का,
कैसे चुकाऊं मैं मोल,
लाख कीमती धन भला,
गुरु हैं मेरे अनमो
Happy Shikshak Divas
T-Talent
E-Education
A-Attitude
C-Character
H-Harmony
E-Efficient
R-Relation
आपसे ही सीखा, आपसे ही जाना
आप ही को हमने गुरु हैं माना,
सीखा हैं सब कुछ आपसे हमने,
कलम का मतलब आपसे हैं जाना
Teacher is a person
who always helps everybody
to get the knowledge and
always stands beside the students…
Writer’s notebook
Share your writing ↗The writing of Priyanka Yadav
Thoughts, feelings and moments shared with the community.
Adishakti Yogashala offers 200 hour yoga teacher training courses in Pokhara,Nepal. Our courses are certified by Yoga Alliance. Adishakti Yogashala serves to furnish their candidates with a comprehension of traditional Hatha Yoga rehearse & additionally sharing their lessons of theory and yoga reasoning from fundamental to advance levels.
We expect our 200 hour understudies to maintain most extreme nobility and modesty while they learn at Adishakti Yogashala. As students of this 200 hour course, they are required to embody elevated expectations of lead subsequently holding fast to the standards and controls of the school.
Schools in Nepal often lack appropriate funding and resources to adequately teach children. As English is an international language, it is becoming more and more of the required skill for job placement, educational advancement, and future success.teaching-volunteering-in-nepal Many classes are delivered in English by Nepali teachers, who frequently have only a basic knowledge of English themselves. Therefore, there is limited opportunity for Nepali students to expand their knowledge and use of the English language without direct contact with a teacher fluent in English. In teaching in schools program, volunteers participate in teaching activities in Nepali schools by delivering conversational English and reading classes to Nepali children. To teach English at a Nepali school you don’t need to have formal teaching qualifications. You will need a good command of written and spoken English,…
शिक्षक दिवस : ज्ञान के बीज बोता किसान है शिक्षक
WD|
5 सितंबर, साल भर में एक दिन आने वाला वह पर्व, जो जिंदगी सिखाने वाले फरिश्तों के सजदे में सर झुकाने के लिए मनाया जाता है। 5 सितंबर, वह दिन जो डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिवस के रूप में हर शिक्षक और विद्यार्थी मनाता है। और 5 सितंबर, वह दिन जो एक शिक्षक और विद्यार्थी के बीच बने ज्ञान सेतु को प्रेम और सम्मान की अभिव्यक्ति के रूप में सहेजने के लिए जाना जाता है।
5 सितंबर को जब हर साल हम शिक्षक दिवस मनाते हैं, तो अपने शिक्षकों को नमन करते हैं, उन्हें उपहार देते हैं, और बदले में उनसे ढेर सारा आशीष प्राप्त करते हैं।
एक शिक्षक सामान्य होते हुए भी मनुष्य को महान बनाने की ताकत रखता है। जरा सोच कर देखें कि आज हम जो भी हैं, भाषा, सोच-विचार और व्यवहार से, क्या हमने बचपन में यही सीख अपने शिक्षक से नहीं ली थी। कैसे हम बचपन में स्कूल और शिक्षकों द्वारा बताई गई हर बात, घर आकर अपनी मां और पिता को बताते थे। कैसे हम अपने शिक्षक की आज्ञा क…
शिक्षक दिवस : रोचक जानकारियां
WD| भारत में शिक्षक दिवस 5 सितंबर को मनाया जाता है जबकि अंतर्राष्ट्रीय शिक्षक दिवस का आयोजन 5 अक्टूबर को होता है। रोचक तथ्य यह है कि शिक्षक दिवस दुनिया भर में मनाया जाता है लेकिन सबने इसके लिए एक अलग दिन निर्धारित किया है। कुछ देशों में इस दिन अवकाश रहता है तो कहीं-कहीं यह कामकाजी दिन ही रहता है। > > यूनेस्को ने 5 अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय शिक्षक दिवस घोषित किया था। साल 1994 से ही इसे मनाया जा रहा है। शिक्षकों के प्रति सहयोग को बढ़ावा देने और भविष्य की पीढ़ियों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए शिक्षकों के महत्व के प्रति जागरूकता लाने के मकसद से इसकी शुरुआत की गई थी।
भारत में डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के सम्मान में 5 सितम्बर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है। इस दिन देश के द्वितीय राष्ट्रपति रहे राधाकृष्णन का जन्मदिवस होता है।
शिक्षा का विकास
प्रारंभ में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी शिक्षा प्रणाली के विकास के प्रति गंभीर नहीं थी क्योकि उनका प्राथमिक उद्देश्य व्यापार करना और लाभ कमाना था| भारत में शासन करने के लिए उन्होंने उच्च व मध्यम वर्ग के एक छोटे से हिस्से को शिक्षित करने की योजना बनायीं ताकि एक ऐसा वर्ग तैयार किया जाये जो रक्त और रंग से तो भारतीय हो लेकिन अपनी पसंद और व्यवहार के मामले में अंग्रेजों के समान हो और सरकार व जनता के बीच आपसी बातचीत को संभव
शिक्षा एक ऐसा शक्तिशाली औजार है जो स्वतंत्रता के स्वर्णिम द्वार को खोलकर दुनिया को बदल सकने की क्षमता रखता है| ब्रिटिशों के आगमन और उनकी नीतियों व उपायों के कारण परंपरागत भारतीय शिक्षा प्रणाली की विरासत का पतन हो गया और अधीनस्थ वर्ग के निर्माण हेतु अंग्रेजियत से युक्त शिक्षा प्रणाली का आरम्भ किया गया|
प्रारंभ में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी शिक्षा प्रणाली के विकास के प्रति गंभीर नहीं थी क्योकि उनका प्राथमिक उद्देश्य व्यापार करना और लाभ कमाना था| भारत में…
5 सितंबर को ही क्यों शिक्षक दिवस मनाया जाता है
शिक्षक या गुरु का जीवन में एक महत्वपूर्ण स्थान होता है. इस दिन को सम्पूर्ण भारत में बहुत उत्साह के साथ मनाया जाता है. इस लेख में यह अध्ययन करेंगे कि 5 सितंबर को ही क्यों शिक्षक दिवस मनाया जाता हैं. इसका क्या महत्व हैं और कैसे यह भारत में मनाया जाता है.
जीवन में सफल होने के लिए शिक्षा सबसे ज्यादा जरुरी है. शिक्षक देश के भविष्य और युवाओं के जीवन
डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्म दिवस के अवसर पर उनकी स्मृति में सम्पूर्ण भारत में 5 सितंबर को शिक्षक दिवस (Teacher’s Day) मनाया जाता है. वह एक महान शिक्षक होने के साथ-साथ स्वतंत्र भारत के पहले उपराष्ट्रपती तथा दूसरे राष्ट्रपति थे. गुरु का हर एक के जीवन में महत्वपूर्ण स्थान होता है और इसलिए कहा गया है क
सर्वपल्ली राधाकृष्णन एक महान दार्शनिक और शिक्षक थे और शिक्षा में उनका काफी लगाव था, इसलिए सम्पूर्ण भारत में सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में अच्चा करने वाले छात्रों को पुरस्कार दिया जाता है.…
विश्व शिक्षक दिवस (अंग्रेज़ी:World Teacher's day) 5 अक्टूबर को संयुक्त राष्ट्र के तत्वावधान में मनाया जाता है।[1][2] इस दिन आध्यापकों को सामान्य रूप से और कतिपय कार्यरत एवं सेवानिवृत्त शिक्षकों को उनके विशेष योगदान के लिये सम्मानित किया जाता है।
इसे संयुक्त राष्ट्र द्वारा साल 1966 में यूनेस्को और अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन की हुई उस संयुक्त बैठक को याद करने के लिये मनाया जाता है जिसमें अध्यापकों की स्थिति पर चर्चा हुई थी और इसके लिये सुझाव प्रस्तुत किये गये थे।[3]
अतः इसे 1994 के बाद से प्रतिवर्ष लगभग सौ से अधिक देशों में मनाया जा रहा है और इस प्रकार वर्ष 2014 में यह 20वाँ विश्व शिक्षक दिवस होगा। इस अवसर को एजुकेशन इंटरनेशनल नामक संस्था "गुणवत्ता परक शिक्षा के लिये एकजुट हों" के नारे के साथ मनाने जा रही है।[4] एक अन्य संस्था इसे "भविष्य में निवेश करें, शिक्षकों में निवेश करें" के विषय के साथ मनाने की तैयारी मे
अलग-अलग देशों में शिक्षक दिवस अलग-अलग तारीखों पर मनाये जाते हैं। भारत मे…
16.हिचकियाँ क्यों मुझे आने लगी है फ़िज़ाओं से भी सिसकिया आने लगी है ये सोचकर दिल है बहुत खुश की याद मेरी भी किसी को आने लगी है
15.दोस्त तेरी दोस्ती पर नाज करते है हर वक़्त मिलने की फरियाद करते है हमें नहीं पता घरवाले बताते है की हम नींद में भी आपसे बात करते है
14.फिर वही दिन होगा फिर वही रात होगी लेकिन ना जाने फिर कब मुलाकात होगी मगर करते रहना एस मेस तभी तो दिल से दिल की बात होगी
13.कशिश तो बहुत है मेरे प्यार में लेकिन कोई है पत्थर दिल जो पिगलता नहीं अगर मिले खुदा तो मांगूंगी उसको सुना है खुदा मरने से पहले मिलता नहीं
12.लोग कहते है तुम क्यों अपनी मोहब्बत का इजहार उनसे नही करते मैंने कहा जो लफ्जो में बयां हो जाये सिर्फ उतना प्यार हम उनसे नहीं करते
11.ज़िंदगी मिलती है हिम्मत वालो को ख़ुशी मिलती है तक़दीर वालो को प्यार मिलता है दिलवालो को और आप जैसा दोस्त मिलता है हम जैसे नसीब वालो को
10.तेरे मेरे रिश्ते को क्या नाम दू ये नाम दू या वो नाम दू इस दुनिया की भीड़ में नाम हो जाते है बदनाम क्यों ना अपने रिश्ते को बेनाम रहने दू
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