मत रख हमसे वफा की उम्मीद ऐ सनम,
हमने हर दम बेवफाई पायी है,
मत ढूंढ हमारे जिस्म पे जख्म के निशान,
हमने हर चोट दिल पे खायी है।
Writer’s notebook
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हमारी तबियत भी न जान सके हमे बेहाल देखकर,
और हम कुछ न बता सके उन्हें खुशहाल देखकर।
Kya Jano Tum Bewafai Ki Had Dosto,
Wo Hamse Ishq Seekhti Rahi Kisi Or Ke Liye.
इंतजार करता है हर शाम तेरा ये दिन कटते हैं लेकर नाम तेरा जिना भी हुआ है मुश्किल बिन तेरे अब लौट आना ले इंतहान मेरा।
सब कहते है की तेरे दर्द से मुझे तकलीफहोती है ,तो सुन मेरी फितरत में नहि दर्द बया करना ,यदि सच में तेरे वजदू का एक हिंसा हु ,तो आज मसूस कर तक़लिब मेरी।
सब कहते है की तेरे दर्द से मुझे तकलीफहोती है ,तो सुन मेरी फितरत में नहि दर्द बया करना ,यदि सच में तेरे वजदू का एक हिंसा हु ,तो आज मसूस कर तक़लिब मेरी।
sab kahate hai kee tere dard se mujhe takaleephahotee hai ,to sun meree phitarat mein nahi dard baya karana ,yadi sach mein tere vajadoo ka ek hinsa hu ,to aaj masoos kar taqalib meree.
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Everyone says that I suffer from your pain, so do not be afraid to express my pain, if there is really a violence of your own vigor, then today I am spellbound and trembling my wife.
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मत करें कि यहां पर ना कर एतबार यहां पर कुछ लोग होते हैं मतलबी जन्मों के रिश्ते एक पल में चित्त ही तोड़ जाते हैं यहां पर............|
अपनों के लिए दूसरों को भुला देना सपनों के लिए सारी जान लगा देना पर एक बात हर समय याद रखना किसी गैर के लिए अपनों को ना भुला देना
यदिअपनों का दर्द ,और पाने की चाहत न होती ,तो न कोड खुदा होता ,और न कोई इवादत होती।
न पूछो राहत मेरी तेरी इस तन्हाई के बाद ,रस्ते भी खो गये है तेरी इस रुसवाई के बाद ,सांसो को तड़पाती है हर पल तेरी घटा यादो की ,बेजान से हो गयेहै तेरी इस जुदाई के वाद।
सपनो की मन्जिल यु बनाया नहीं करते ,अपनो से दुरी यु दिखाया नहीं करते ,यदि चाहत थी तो आप हमे अजमा कर देख लेते ,पर सच्चे लोग हर किसी से यु सम्ब्न्ध बनाया नहीं करते।
सोचा था कभी आप के साथ जिंदगी निभायेंगे,साथ रहेंगे हर दम और हम भी मुस्कुरायेंगे, था यकीन इतना की चाहत अपनी चाँद के पर लेजायेंगे ,पर कभी न सोचा था की आप हम को इस तरह रुलायेंगे।
एक पथ्थर सिर्फ एक बार मंदिर जाता है और भगवान बन जाता है इंसान हर रोज मंदिर जाते है फिर भी पथ्थर ही रहते है। ........ ये जरूरी नहीं है की रोज मंदिर जाने से धार्मिक वन जाये लेकिन कर्म ऐसे होने चाहिए की इंसान जहां भी जाये मंदिर वहा बन जाये !
कुछ रिश्ते अनजाने मे बन जाते है
पहले दिल से फिर जिंदगी से जुड़ जाते है
कहते है उस दौर को दोस्ती
जिसमे अनजाने न जाने कब अपने बन जाते है !
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