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Priyanka Yadav

New Delhi

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Writer’s notebook

The writing of Priyanka Yadav

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134 piecesLatest published writing · Page 7
Desh Bhakti Shayari
मैं भारत बरस का हरदम सम्मान करता हूँ, यहाँ की चांदनी मिट्टी का ही गुणगान करता हूँ, मुझे चिंता नहीं है स्वर्ग जाकर मोक्ष पाने की, तिरंगा हो कफ़न मेरा, बस यही अरमान रखता हूँ
Desh Bhakti Shayari
ऐ मेरे वतन के लोगों तुम खूब लगा लो नारा ये शुभ दिन है हम सब का लहरा लो तिरंगा प्यारा पर मत भूलो सीमा पर वीरों ने है प्राण गँवाए कुछ याद उन्हें भी कर लो जो लौट के घर न आये
Desh Bhakti Shayari
मुझे ना तन चाहिए, ना धन चाहिए बस अमन से भरा यह वतन चाहिए जब तक जिन्दा रहूं, इस मातृ-भूमि के लिए और जब मरुँ तो तिरंगा कफ़न चाहिये
Desh Bhakti Shayari
आजादी की कभी शाम नहीं होने देंगे शहीदों की कुर्बानी बदनाम नहीं होने देंगे बची हो जो एक बूंद भी लहू की तब तक भारत माता का आँचल नीलाम नहीं होने देंगे
Dosti Shayari
बिकता है गम इश्क के बाज़ार में, लाखों दर्द छुपे होते हैं. एक छोटे से इंकार में, हो जाओ अगर ज़माने से दुखी, तो स्वागत है हमारी दोस्ती के दरबार में.”
Dosti Shayari
सबकी ज़िन्दगी में खुशिया देने वाले, मेरे दोस्त की ज़िन्दगी में कोई गम न हो. उसको मुझसे भी अच्छे दोस्त मिले, अब इस दुनिया में हम न हो.”
Dosti Shayari
गुनाह करके सजा से डरते है, ज़हर पी के दवा से डरते है. दुश्मनो के सितम का खौफ नहीं हमे, हम तो दोस्तों के खफा होने से डरते है.”
Dosti Shayari
“दोस्त को भूलना ग़लत बात है. उन्ही का तो जिंदगी भर साथ है. अगर भूल गये तो सिर्फ़ खाली हाथ है, अगर साथ रहे तो ज़माना कहेगा-‘क्या बात है'”
Dosti Shayari
दिन बीत जाते है सुहानी यादें बनकर, बाते रह जाती है कहानी बनकर, पर दोस्त तो हमेशा दिल के करीब रहते है, कभी मुस्कान तो कभी, आँखों का पानी बनकर।
Dosti Shayari
कहीं अंधेरा तो कहीं शाम होगी, मेरी हर ख़ुशी तेरे नाम होगी, कभी मांग कर तो देख हमसे ए दोस्त, होंठो पर हसीं और हथेली पर जान होगी।
Dosti Shayari
लोग रूप देखते है ,हम दिल देखते है , लोग सपने देखते है हम हक़ीकत देखते है, लोग दुनिया मे दोस्त देखते है, हम दोस्तो मे दुनिया देखते है।
Beautiful Shayari
वो भुल गये की उन्हे हँसाया किसने था, जब वो रुठते तो मनाया किसने था, आज वो कहते है कि मे बहुत खुबसुरत हू, शायद वो भुल गये की उन्हे ये बताया किसने था??
Beautiful Shayari
हर बार मुकद्दर को कुसूरवार कहना अच्छी बात नहीं , कभी कभी हम उन्हें मांग लेते है जो किसी और के होते है …….!!?
Beautiful Shayari
शक का कोई ईलाज नहीं होता, जो यकीं करता है कभी नराज नहीं होता, वो पूछते है हमसे कितना प्यार करते हो, उन्हे क्या पता मोहब्बत का हिसाब नहीं होता..|
Beautiful Shayari
वो बात करते हैं हमसे दूर जाने की हम कोशिश करते हैं उन्हें अपना बनाना की हर घडी इच्छा रहती है उन्हें बुलाने की फिर वो क्यों कोशिश करते हैं हमे रुलाने की।

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