जहाँ कभी तुम थे
अब वहां दर्द रहता है..
Writer’s notebook
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Kho dete...
Phir khoja karte h
Yahi khel ham jindagi bhar khela karte h
Mere masle meri samanjh ke bahar h,
Meri khawabo se dosti nindo se dushmani h,
Koi le aao us parinde ko jo uske shehr jata ho, yunhi pada h khat jo likha kyi dino se h
सिरहाना ख़ाली मुझे याद तेरी आ रही है,
भूख मर चुकी फिक्र तेरी खा रही है
किसी की नफरत का बहाना बन गया हूं,
किसी की हसीं का सहारा बन गया हूं,
टूटने पर उनकी ख्वाहिश होगी पूरी, सही कह्ते है मैं सितारा बन गया हूं
तेरी गली में और तेरी जिंदगी में दिन आखिरी है मेरा,
आज के बाद कभी चेहरा तुझे दिखना नही मेरा
मैं प्यार का तासीर और तू वफा की प्यासी,
गलती तेरी नही गलती तो मैरी है क्योंकि तू नही मैं तुझे प्यार करता था
बेठे है चैन से कहीं जाना तो है नही,
हम बेघरों का कोई ठिकाना तो है नही,
वो जो हमे पसंद है कैसा है, क्यों पूछते हो, हमे बताना तो है नही
ये जो हम हस्ते है ना ये हमारा हुनर है, हकीकत नही
आंखों में समुद्र दिलों में आग लिख दूँगा ,
तुम तूफान लेकर आना मैं चिराग रख दूँगा,
मेरे पर काट के भी तुम्हें कोई फायदा नही होगा,
मैं ज़मीन पर भी बैठा तो आसमान लिख दूँगा
रुसवा तो मैं तुझे भी कर दूं पर बाकी मुझमें लिहाज है,
सारा शहर मेरा मुरीद बस तेरा मुहल्ला मेरे खिलाफ है
अकेलापन मुझे मेरा घर लगता है,
नींद आती नही रातों को मुझे अब सोने मे भी डर लगता है,
इतने टुकड़े हुए हैं मेरे दिल के अब मौत से ज्यादा मोहब्बत से डर लगता है
मोहब्बत सीखा कर जुदा हो गया,
ना सोच ना समजा ख़फ़ा हो गया,
दुनिया मे किसे हम अपना कहे,
जो अपना था वहीं बेवफा हो गया.
दिल से मरते थे हम उन पर
और वो हमे मरने के लिए छोड़ गए
Mere muskarane ki wajay wo h
Aur ab rulane ki wajay bhi wahi h
हमने उनकी पसंद को अपनी मनपसंद बना ली,
जिस चीज़ से उन्हें नफरत थी हमने उस चीज़ को अपनी जिंदगी से हटा ली,
फिर भी उन्हें हमारी वफाई रास नही आयी जो अपनी बेवफाई हम पर थोप डाली
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