दुनिया में जन्नत जैसी कोई चाह नही होती,,,
बिना ठोकरे खाए कोई मंजिल की राह नही होती
Writer’s notebook
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बिना मतलब के ख़ैर नही पूछती ये दुनिया...,
क्योंकि ये दुनिया है, तेरी मां नही
तू कहे तो एक कतरे में बह जाऊँ....,
वर्ना कोई तूफान भी मुझे हिला नही सकता..
मैंने खोया है अपनी हर प्यारी चीज़ को,
मैं अपनी किस्मत फिर भी aajmaunga...
एक शायरी लिखी है कभी मिलोगी तो sunaunga
तू मेरा न सही, किसी का तो बन
पहले हम उन्हें पाने की कोशिश करते थे......
और अब भुलाने की कोशिश में लगे हैं..
जरा सा फर्क़ तो रखते...
दिल और खिलौने में
कदर वो है जो मौजूदगी में की जाए,,
बाद में होने को पछतावा कहते हैं
कमाल का शख्स था, कैसा मिजाज रखता था,, मोहब्बत किसी और से थी शायद उसे, हमसे तो यूँही हसीं मज़ाक करता था
क्यों सजा दे रही हो... तुमसे प्यार किया इसलिए,,
या तुमसे ज्यादा किया इसलिए..
कुछ तो रहम कर जिंदगी, थोड़ा संवर जाने दे..
तेरा अगला ज़ख़्म भी सह लेगे, पहला तो भर जाने दे..
धोखा भी बड़ी कमाल की चीज़ है...
कभी खाकर देखना, समझ जाओगे
धोखा देने वाला सिर्फ बहाना ढूँढता है,
और साथ देने वाला सिर्फ रास्ता..
पागल बना कर छोड़ गया वो शख्स....
जो कभी प्यार से मुझे पागल कहा करता था
हर रात यहीं ख्याल सताता है...
क्या उसे भी मेरा ख्याल आता है
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