बड़े अजीब दुनिया के मेले हैं...
दिखते तो भीड़ है, पर चलते
सब अकेले हैं.....
Writer’s notebook
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थकान सारी दुनिया सुकून सिर्फ तुम हो...
फरेबी सारी दुनिया यकीन सिर्फ तुम हो...
कोई तो है जो फैंसला करता है
पथ्थरों के मुकद्दर का,
किसे ठोकरों पर रहना है
और किसे भगवान् होना है !!
मुझे रिश्तो की लंबी कतारोँ से मतलब नही ,कोई दिल से हो मेरा, तो एक शख्स ही काफी है..
सर झुकाने से नमाज़ें अदा नहीं होती,
दिल झुकाना पड़ता है इबादत के लिए..
तमन्नाओ की महफ़िल..
तो हर कोई सजाता है.
पूरी उसकी होती है..
जो तकदीर लेकर आता है..!!
इच्छाओं के अनुरूप जीने के लिए जुनून चाहिए,
वरना परिस्थितियां तो सदा ही विपरीत रहती है!!
जिनकी आंखे बात बात में भीग जाती है, वो कमजोर नहीं होते बल्कि दिल के साफ और सच्चे होते हैं!!
अपनों का साथ बहुत आवश्यक है, सुख हो तो बढ़ जाता है और दुख हो तो बंट जाता है!!
जिंदगी में दो चीज खास है, एक वक्त दूसरा प्यार.. वक्त किसी का नहीं होता, और प्यार हर किसी से नहीं होता.sk.
खुदा तो इक तरफ, खुद से भी कोसों दूर होता है,
इंसान जिस वक्त ताकत के नशे में चूर होता है।
अजीब चलन है दुनिया का
दीवारों में आए दरार तो
दीवाने गिर जाती है ,
रिश्तों में आई दरार तो
दीवारें खड़ी हो जाती है!
रिश्ते मुरझा जाते हैं गलतफहमियां से,
बिखर जाते हैं अहंकार से रिश्ते...
ढल जाती है हर चीज अपने वक्त पर,
बस व्यवहार और लगाव ही है ...
जो कभी बुढ़े नहीं होते!
धरती पर हल चलाने से उसको दु:ख तो होता है,
पर धर्म रूपी फसल उगाने को धरती उर्वरा हो जाती है,
तथा परोपकार के संतोष रूपी सुख में दुःख को भूल जाती है ...sk...
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