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Sunil Kumar

Mumbai

mack spring

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Writer’s notebook

The writing of Sunil Kumar

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31 piecesLatest published writing · Page 2
Anmol Vachan
बड़े अजीब दुनिया के मेले हैं... दिखते तो भीड़ है, पर चलते सब अकेले हैं.....
Anmol Vachan
थकान सारी दुनिया सुकून सिर्फ तुम हो... फरेबी सारी दुनिया यकीन सिर्फ तुम हो...
Anmol Vachan
कोई तो है जो फैंसला करता है पथ्थरों के मुकद्दर का, किसे ठोकरों पर रहना है और किसे भगवान् होना है !!
Anmol Vachan
मुझे रिश्तो की लंबी कतारोँ से मतलब नही ,कोई दिल से हो मेरा, तो एक शख्स ही काफी है..
Anmol Vachan
सर झुकाने से नमाज़ें अदा नहीं होती, दिल झुकाना पड़ता है इबादत के लिए..
Anmol Vachan
तमन्नाओ की महफ़िल.. तो हर कोई सजाता है. पूरी उसकी होती है.. जो तकदीर लेकर आता है..!!
Anmol Vachan
इच्छाओं के अनुरूप जीने के लिए जुनून चाहिए, वरना परिस्थितियां तो सदा ही विपरीत रहती है!!
Anmol Vachan
जिनकी आंखे बात बात में भीग जाती है, वो कमजोर नहीं होते बल्कि दिल के साफ और सच्चे होते हैं!!
Anmol Vachan
अपनों का साथ बहुत आवश्यक है, सुख हो तो बढ़ जाता है और दुख हो तो बंट जाता है!!
Anmol Vachan
जिंदगी में दो चीज खास है, एक वक्त दूसरा प्यार.. वक्त किसी का नहीं होता, और प्यार हर किसी से नहीं होता.sk.
Anmol Vachan
खुदा तो इक तरफ, खुद से भी कोसों दूर होता है, इंसान जिस वक्त ताकत के नशे में चूर होता है।
Anmol Vachan
अजीब चलन है दुनिया का दीवारों में आए दरार तो दीवाने गिर जाती है , रिश्तों में आई दरार तो दीवारें खड़ी हो जाती है!
Anmol Vachan
रिश्ते मुरझा जाते हैं गलतफहमियां से, बिखर जाते हैं अहंकार से रिश्ते...
Anmol Vachan
ढल जाती है हर चीज अपने वक्त पर, बस व्यवहार और लगाव ही है ... जो कभी बुढ़े नहीं होते!
Anmol Vachan
धरती पर हल चलाने से उसको दु:ख तो होता है, पर धर्म रूपी फसल उगाने को धरती उर्वरा हो जाती है, तथा परोपकार के संतोष रूपी सुख में दुःख को भूल जाती है ...sk...

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