हर ज़ख़्म किसी ठोकर की मेहरबानी है; मेरी ज़िंदगी की बस यही एक कहानी है; मिटा देते सनम के हर दर्द को सीने से; पर ये दर्द ही तो उसकी आखिरी निशानी है।
Writer’s notebook
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पहले बारिश होती थी तो याद आते थे
अब जब याद आते हो तो बारिश होती है
नफरतें लाख मिलीं पर मोहब्बत न मिली,
ज़िन्दगी बीत गयी मगर राहत न मिली,
तेरी महफ़िल में हर एक को हँसता देखा,
एक मैं था जिसे हँसने की इजाज़त न मिली।
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