अजीब कहानी है इस मोहब्बत की भी,
जिसने कदर की उसे मिला नहीं,
और जिसे मिला उसने कदर की नहीं..!!
Writer’s notebook
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हुए बदनाम मगर फिर भी न सुधर पाए हम!
फिर वही शायरी.. फिर वही इश्क.. फिर वही तुम..!!
प्यार तो एहसास होता है रूह का, वरना जिस्म तो बाजारों में भी टकरा जाते हैं!!
देख सका जमाने ने क्या इल्जाम लगाया है,
आँखें नशीली तेरी और शराबी हमें बनाया है!
इश्क़ में हमने वही किया जो फूल करते हैं बहारों में,
खामोशी से खिले महके और फिर बिखर गए।
धारा 307 लगनी चाहिए तेरी निगाहों पर,
यूँ देखना भी क़त्ल की कोशिश में शुमार होती है!!
उसकी याद मुझे ऐसे खाती है,
जैसे लोहे को जंग धीरे-धीरे.....
फिर एक बार मैं अबोध हुआ,
जब तुम्हारे सौंदर्य का बोध हुआ!!
वक्त का इंतजार करो तुम्हारी मुलाकात हम से ही होगे.sk.
मर्दानगी ये नहीं कि कितने फंसा सकते हो
मर्दानगी तो ये है कि एक से कितने निभा सकते हो!
जान लेने पे तुले है दोनों मेरी..
इश्क हार नहीं मानता..
दिल बात नहीं मानता!
ज़मीन के हर ज़र्रे को आफताब कर देंगे,
गुलशन के हर फूल को गुलाब कर देंगे,
एक पल भी ना रह सकोगे हमारे बिन,
आपकी सब आदत हम इतनी ख़राब कर देंगे
करोना मोहब्बत की तरह है, आपको पता भी नहीं चलेगा कब हो गया.sk.
इस इश्क ने हमें मगरूर कर दिया,
हर खुशी से बहुत दूर कर दिया,
सोचा नहीं था कभी हमें इश्क़ होगा,
पर आपकी नजरों ने मजबूर कर दिया।
किसी का हाथ थाम के छोड़ना नहीं,
वादा किसी से कर के तोड़ना नहीं,
कोई अगर तोड़ दे दिल आपका तो,
बिना हाथ पैर तोड़े उसे छोड़ना नहीं।
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