ना हंसो दिल मेरा चाक हो जाएगा
हर इरादा खतरनाक हो जाएगा,
मुस्कुराने की बमबारी अगर इसी तरह जारी रही
तो दिल मेरा जल कर राख हो जाएगा।।
Writer’s notebook
Share your writing ↗The writing of Yash Raj
Thoughts, feelings and moments shared with the community.
किसी के हाथ का कंगन खनक ना भूल बैठा है
कोई सिंगार करके भी महकना भूल बैठा है
चले आए हो जब से छोड़कर तन्हा किसी को तुम
अब उसके सर के आंचल भी सरकना ना भूल बैठा है
इस शहर से था एकदम अनजान चला आया
बनने के लिए दिल का मेहमान चला आया,
कितनी थी कशिश यारों उसकी मोहब्बत में
मजबूर होकर के यशराज चला आया।।
Your voice belongs here.
Share a thought, a poem or a story with the community.
Start writing ↗