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Yash Raj

Kushinager

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Writer’s notebook

The writing of Yash Raj

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8 piecesLatest published writing · Page 1
Dard Bhari Shayari
याद आएगी तेरी हर रोज मगर तुझे आवाज न दूंगा , लिखूंगा तेरे लिए ही हर लफ्ज़ मगर तेरा नाम न लूंगा।
Dard Bhari Shayari
किसी के हाथ का कंगन खनक ना भूल बैठा है कोई सिंगार करके भी महकना ना भूल बैठा है चले आए हो जब से छोड़ कर तन्हा किसी को तुम अब उसके सर के आंचल भी सरकाना ना भूल बैठा है।।
Dard Bhari Shayari
आंखों को देखकर इंतजार का हुनर चला गया .. . चाहा था एक शख्स को ..... ना जाने किधर चला गया ...
Dard Bhari Shayari
हवा चुरा ले गई थी मेरी गजलों की किताब, देखो आसमान पढ़ के रो रहा है, और नासमझ जमाना खुश है कि बारिश ही रही है ।।
Dard Bhari Shayari
जब तक तू मेरे साथ है, मैं हर पल तेरा साथ निभाऊंगा, तु मुझे छोड़ कर चली जाएगी ना, तब भी मैं हर मुश्किल में तेरे साथ नजर आऊंगा ,अगर तेरी खुशी किसी और के साथ है , तो तू उसके साथ चली जाना अरे मैं तो वो आशिक हूं ,बस तेरी गमों को अपना बनाऊंगा।। Yashraj
Dard Bhari Shayari
अरे उसके लिए सारी दुनिया से बगावत की थी ।। अरे याद आता है की हमने भी किसी से मोहब्बत की थी ।।उसको छोड़ कर हंसते हुए आए हम।। घर आकर इतना रोए कि हमारी आंखों ने भी हमसे शिकायत की थी।। Yashraj
Dard Bhari Shayari
ऐ समन्दर, मैं तुझसे वाकिफ हूं मगर इतना बताता हूँ, वो आंखें तुझसे ज्यादा गहरी है, जिस सनम का मैं आशिक हूँ !! Yash raj
Dard Bhari Shayari
अब क्या सुनाऊं अपनी मोहब्बत की दास्तान ये दोस्तो । उसकी चाहतो ने दीवाना बनाया , और उसकी बेबसी ने सायर।।।

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