?जिस्म की खुशबू तो
भेड़िये भी सूंघ लेते है
और जिस्म को नोच डालते है
काश कोई ऐसा मिले जो
हमारे दिल की महक से
खींचा चला आये
जिस्म नोचने की जगह
हमारी बिखरी ज़िंदगी सवार जाए❤
Writer’s notebook
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तुम करते हो किसी से मोहब्बत तो मुझे बता दो...
उसने नहीं माना तेरा प्यार तो मुझे ही जता दो....!!
फिर से तेरी यादों का
मेरे दिल में बवंडर है..
मौसम वही, सर्दी वही
वही दिलकश दिसंबर...
खुदा का शुक्र है कि ख्वाब बना दिए,
वरना तुम्हें देखने की तो बस
हसरत ही रह जाती......!!
तुमसे इश्क करके तो पारस हो गए हम,
ना उम्र में इजाफा होता है,
ना इश्क ही कम होता है,
जिसे भी छू ले तू, फकत वो तो
निखरता ही जाता है....!!
कुछ किया नहीं पर बेगुनाह भी नहीं,
राजदार हम तेरे पर हमनवां भी नहीं!
कैसे ये उल्फत सनम...
वफा कर न सके और बेवफा भी नहीं!
तुम समझ सको तो समझ लेना...
तेरे पास भी नहीं और तुमसे जुदा भी नहीं!!
बैठे हैं दिल में अरमां जगाये...
कि वो आज नजरों से हमें अपनी पीलाये...
मजा तो तब ही पीने का यारों...
इधर हम पिये और नशा उसको हो जाये...
परेशाँ हूँ, मगर तुम चाहो तो, मुश्किल मेरी आसाँ कर दो, मैं दिल की बात कह दूँ, और तुम शरमा के हाँ कर दो!
आँख कह देगी गज़ल, खुद इश्क बनकर देख ले!
तुझको भी राँझे मिलेंगे, हीर बनकर देख ले!!
एक बात सुन पगली आऊंगा तेरी गली में ही,
चाहे देर क्यों ना हो जाए.......
लेकिन मोहब्बत तो तुझी से करुंगा फिर
चाहे जेल क्यों ना हो जाए.....
इतना खूबसूरत चेहरा है तुम्हारा,
हर दिल दीवाना है तुम्हारा,
लोग कहते हैं चाँद का टुकड़ा हो तुम,
लेकिन हम कहते हैं, चाँद टुकड़ा है तुम्हारा ||
अपनी सांसों में महकता पाया है तुझे,
हर ख्वाब मे बुलाया है तुझे,
क्यू न करे याद तुझ को
जब खुदा ने हमारे लिए बनाया है तुझे.
थोड़ा सा इश्क हमें भी कर लेने दो....
सब नेक बन गए तो गुनाह कौन करेगा....
आंँखों में ना हमको ढूँढो सनम, दिल में हम बस जाएंगे !तमन्ना है मिलने की तो, बंद आंखों में भी हम नजर आएंगे!!
उन्हे मुझसे मोहब्बत हो रही थी,
न खुलती आंख, तो हो जाती!!
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