
Writer’s notebook
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जब भी किसी निगाह ने मौसम सजाए है।
तेरे लबों के फूल बहुत याद आए हैं।
रिश्ते के वफाओं का इंतजार ,हम भी हवाओ में चिराग ले के आए है।
आपकी दोस्ती हमारी सुरो की ताज है ।
और आप जैसे दोस्तो पे हमें नाज है ।
कल कुछ भी हो जाए इस जिन्दगी में मगर, आपकी हमारी दोस्ती वैसी ही रहेगी जैसे आज है ।
जो मिला उसे गुजारा ना हुआ ।
जो हमारा था हमारा ना हुआ ।
हम किसी और से मनसुब हुए क्या ये नुकसान तुम्हारा ना हुआ,
खर्च होता रहा मोहबब्त में फिर भी इस दिल को खासारा ना हुआ,
दोनों एक दूसरे पे मरते रहे कोई अल्हा को प्यारा ना हुआ ।
बेतकल्लुफ़ भी वो हो सकते थे हमसे ही कोई इशारा ना हुआ.…....
❤️ शुभ रात्रि❤️







आग के पास कभी मोम को लाकर देखूं हो इज़ाज़त तो तुझे हाथ लगाकर देखूं दिल का मंदिर बड़ा वीरान नज़र आता है सोचता हूँ तेरी तस्वीर लगाकर देखूं
दिलो की बात करता है जमाना, और मोहब्बत आज भी चेहरों से शुरू होता है।
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