बात हीरा,बात मोती और बात मर्दों की शान होती हैं। बात से बात नहीं, काम की बात बड़ी मुश्किल से होती हैं। और बात भी उसी की होती हैं, जिसमे कोई बात होती है।
Writer’s notebook
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तेरा किया तुझपे ही आ जाए तो कैसा होगा। जो ज़ख्म तुने मुझे दिया, अगर वो तुझपे आ जाए तो कैसा होगा। हर बार मुकरती है न अपनी बात से, इस बार मैं मुकर जाउ तो कैसा होगा।
अपने हिस्से की जिंदगी तो हम जी चुके, अब तो बस धरकनो का लिहाज करते हैं। क्या कहे ये दुनिया वालो को, जो आखरी सांस पर भी एतराज करते हैं।।
हम चाहते हैं तुम्हे और तू चहती है किसी और को।
खुदा करे तू जिसे चहती है वो भी चाहे किसी और को ।।


हम भी कभी इश्क में मुस्कुराया करते थे।
उजालों में भी शोर मचाया करते थे।
मगर उसी दिए ने जला दिया मेरा हाथ, जिसको हम हवाओ से बचाया करते थे।
ये कागज नही दिल हैं सनम, इसपे अक्षर नही इश्क लिखता हूं। तभी तो बेवफाओ के महफिल में मैं अक्सर तनहा दिखता हूं।
आंखों में आ जाते है आसू , फिर भी लबों पे हसी रखनी पड़ती हैं । ये मोहब्बत भी क्या चीज है यारो, जिस से करते है उसीसे छुपानी पड़ती हैं ।।
तन्हाई में भी वक्त बर्बाद किया करते है । हर दिन हर वक्त आपको याद किया करते है । ये हम नहीं घरवाले कहते है कि निंद में भी तुम्हारा नाम लिया करते है ।
कुछ नाशा तो आपकी बात का हैं । कुछ नाशा घीमी बरसात का हैं । हमे आप यू ही शराबी ना कहिए, ये नाशा तो पहला मुलाकात का है।
दो दिलों की धड़कनों में एक साज़ होता है सबको अपनी-अपनी मोहब्बत पर नाज़ होता है उसमें से हर एक बेवफा? नहीं होता उसकी बेवफ़ाई के पीछे भी कोई राज होता है!??
हम तो तेरे दिल की महफ़िल सजाने आए थे तेरी कसम तुझे अपना बनाने आए थे किस बात की सजा दी तुने हमको बेवफा हम तो तेरे दर्द को अपना बनाने आए थे।? ? ?
चिंता नाही किजिए जब कोई अनहोनी होय, दो दिल जब प्यार करे तो रोक सके ना कोय ।

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