चाँद सितारों से तेरी बात करते हैं, तनहाईयों में तुझे याद करते हैं, तुम आओ या ना आओ मर्ज़ी तुम्हारी, हम तो हरपल तुम्हारा इंतजार करते हैं।
जो मिला उसे गुजारा ना हुआ । जो हमारा था हमारा ना हुआ । हम किसी और से मनसुब हुए क्या ये नुकसान तुम्हारा ना हुआ, खर्च होता रहा मोहबब्त में फिर भी इस दिल को खासारा ना हुआ, दोनों एक दूसरे पे मरते रहे कोई अल्हा को प्यारा ना हुआ । बेतकल्लुफ़ भी वो हो सकते थे हमसे ही कोई इशारा ना हुआ.….... ❤️ शुभ रात्रि❤️
दिल ने ये कहा है दिल से । लॉकडाउन लागेगा क्या फिर से।?
फूलों की याद आती है काँटों को छूने पर रिश्तों की समझ आती है फासलों पे रहने पर कुछ जज़्बात ऐसे भी होते हैं जो ?आँखों से बयां नहीं होते वो तो महसूस होते हैं ज़ुबान से कहने पर। ? ?
ज़ख़्म इतने गहरे हैं इज़हार क्या करें, हम खुद निशाना बन गए वार क्या करें, मर गए हम मगर खुली रही ये आँखें, इससे ज्यादा उनका इंतज़ार क्या करें।
नाम छोटा है मगर✋ दिल❤ बङा रखता ?हु पैसो? से ऊतना अमीर नही? हु, मगर✋ अपने दोस्तों? के गम खरीद ने की हैसियत रखता? हु ...?
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