????सफ़र जो धूप का किया तो तजुर्बा हुआ , वो ज़िंदगी ही क्या जो छाँव छाँव चली ..????
???सुप्रभात ??? ???जय श्री कृष्णा ???
नमामीशमीशान निर्वाणरूपं विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्। निजं निर्गुणं निर्विकल्पं निरीहं चिदाकाशमाकाशवासं भजेऽहम्॥
तेरी मेरी जो नजर मिली हैं इसकी किसी को खबर न लगे देखता हूँ तुझे उस नजर से कि तुझको मेरी नजर न लगे
मेरी समझ से रेलवे को सारी ट्रेने बंद करके सिर्फ प्लेटफॉर्म टिकेट बेचने चाहिये। ?
Happy teachers day
* Dear Teacher, Thanks for inspiring me; Igniting my imagination; And instilling in me – a love of learning. Happy Teachers’ Day!
यदि मानव दानव बन जाता है तो ये उसकी हार है , यदि मानव महामानव बन जाता है तो ये उसका चमत्कार है .यदि मनुष्य मानव बन जाता है तो ये उसके जीत है . If a man becomes demon it is his defeat, if a man becomes superman it is his magical feat,if a man becomes human it is his victory.
ऐसे कई अध्यापक होते हैं जो आपको बर्वाद कर सकते हैं. इससे पहले कि आपको पता चले आप अपने इस या उस अध्यापक की धुंधली प्रति बन सकते हैं. आपको खुद अपने दम पर विकसित होना है. कोई बुलबुला इतना इन्द्रधनुषी या देर तक उड़ने वाला नहीं है जितना कि एक सफल शिक्षक के द्वारा उड़ाया गया बुलबुला. सभी कठिन कार्यों में , एक जो सबसे कठिन है वो है एक अच्छा शिक्षक बनना. बच्चा क्या सीखता है यह उसके शिक्षक से अधिक उसके सहपाठियों की विशेषताओं पर निर्भर करता है.
तुम्हे अन्दर से बाहर की तरफ विकसित होना है . कोई तुम्हे पढ़ा नहीं सकता , कोई तुम्हे आध्यात्मिक नहीं बना सकता . तुम्हारी आत्मा के आलावा कोई और गुरु नहीं है . सपने की शुरआत उस शिक्षक के साथ होती है जो आपमें यकीन करता है, जो आपको खींचता है, धक्का देता है और आपको अगले पठार तक ले जाता है, कभी-कभार “सच” नामक तेज छड़ी से ढकेलते हुए. असफलता हमारी शिक्षक होनी चाहिए, हमारा अंत करने वाली नहीं. असफलता देरी है, हार नहीं. यह एक अस्थायी चक्कर है, गतिरोध नहीं. असफलता को हम केवल ना कुछ बोल के, ना कुछ कर के और ना कुछ बन के बच सकते हैं.
* जन्म देने वालों से अच्छी शिक्षा देने वालों को अधिक सम्मान दिया जाना चाहिए; क्योंकि उन्होंने तो बस जन्म दिया है ,पर उन्होंने जीना सीखाया है. * यदि मैं दो अन्य लोगों के साथ चल रहा हूँ , तो वो दोनों मेरे गुरु की तरह काम करेंगे.मैं एक की अच्छी बातें पकडूँगा और उनका अनुकरण करूँगा, और दूसरे की बुरी बातें पकडूँगा और उन्हें अपने अन्दर सही करूँगा. * अगर किसी देश को भ्रष्टाचार – मुक्त और सुन्दर-मन वाले लोगों का देश बनाना है तो , मेरा दृढ़तापूर्वक मानना है कि समाज के तीन प्रमुख सदस्य ये कर सकते हैं. पिता, माता और गुरु.
दो तरह के शिक्षक होते हैं: वो जो आपको इतना भयभीत कर देते हैं कि आप हिल ना सकें, और वो जो आपको पीछे से थोडा सा थपथपा देते हैं और आप आसमान छू लेते हैं.
Mahipal is online
Shivansh is online
rehan is online
gulab is online
arun is online
Musab is offline
Laden is offline
Jamesmut is offline
Dileep is offline
Munna is offline
geeta is offline
kamal is offline
Jhunnu is offline
Jack is offline
abhay is offline
Please Login or Sign Up to write your book.