एक सैनिक ने क्या खूब कहा है...
किसी गजरे की खुशबु को महकता छोड़ आया हूँ,
मेरी नन्ही सी चिड़िया को चहकता छोड़ आया हूँ,
मुझे छाती से अपनी तू लगा लेना ऐ भारत माँ,
मैं अपनी माँ की बाहों को तरसता छोड़ आया हूँ।
जय हिन्द.
कैसे कह दूँ की सरकार गुनाहगार नहीं है...क़ातिल है मगर हाथों मे तलवार नहीं है
कितने घरों के चिराग बुझ गये एक पल में...ऐसे जुर्म पे भी हुकूमत शर्मसार नहीं है।
मेरी नज़रों को ऐसी खुदाई दे
जिधर भी देखूँ मेरा वतन दिखाई दे.....
हवा की हो कुछ ऐसी मेहरबानियाँ
बोलू जो जय हिन्द तो सारी दुनिया को सुनाई दे......
स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनायें
भारत कोई जमीन का टुकड़ा नहीं है . जीत जगता राष्ट्र पुरुष है
अभिनन्दन की भूमि है , अर्पण की भूमि है
यहाँ की हर नदी हमारे लिए गंगा है , हर कंकर में शंकर है
जियेंगे तो इस देश के लिए और मरेंगे तो इस देश के लिए ..... जय हिन्द जय भारत .
जिसने शाहजहाँ और औरंगजेब को उनकी नानी याद दिलाई थी
वो मराठा वीर शिवाजी थे, जिसने मुगलों की चूलें हिलाई थी
उस भगवा ध्वज वाहक में गजब की रवानी थी…………………………………..
जिसने हर हिन्दुस्तानी के दिल में फिर, देशभक्ति की आग जलाई थी………………….
अकबर तो था आक्रमणकारी, उसे महान मत बतलाओ
वीर प्रताप के गुण गाओ………
महाराणा के स्वाभिमान को मत भूल जाओ
अकबर को महान बताना मक्कारी है, गद्दारी है………..
अपना प्रताप लाखों अकबरों पर अकेले भारी है……………….
जिन्हें है प्यार वतन से, वो देश के लिए अपना लहू बहाते हैं
माँ की चरणों में अपना शीश चढ़ाकर, देश की आजादी बचाते हैं
देश के लिए हँसते-हँसते अपनी जान लुटाते हैं…………………………