???“जो किए ही नहीं कभी मैंने, वो भी वादे निभा रहा हूँ मैं ! मुझसे फिर बात कर रही है वो, फिर से बातों में आ रहा हूँ मैं..!”??
जिंदा रहना है तो हालात से डरना कैसा हक की लड़ाई है संघर्ष करो किसानों जैसा। #StudentsWantJobs
सत्य की तलाश नहीं की जाती.. सत्य को अपनाया जाता है..!
धीरे धीरे उम्र कट जाती है, जीवन यादों की पुस्तक बन जाती है, कभी किसी की याद बहुत तड़पाती है और कभी यादों के सहारे ज़िन्दगी कट जाती है..
Radhe radhe
लग जा गले के फिर ये, हसीं रात हो ना हो शायद फिर इस जनम में मुलाक़ात हो ना हो हम को मिली हैं आज ये घड़ियाँ नसीब से जी भर के देख लीजिये, हमको करीब से फिर आप के नसीब में, ये बात हो ना हो शायद फिर इस… पास आईये के हम नहीं आयेंगे बार-बार बाहें गले में डाल के, हम रो लें जार-जार आँखों से फिर ये प्यार की बरसात हो ना हो
हिम्मत ए रौशनी बढ़ जाती है, हम चिरागों की इन हवाओं से, कोई तो जा के बता दे उस को, चैन बढता है बद्दुआओं से…
"आप की दुनिया के बेरंग अंधेरों के लिए रात भर जाग कर एक चाँद चुराया मैंने रंग धुंधले हैं तो इनका भी सबब मैं ही हूँ एक तस्वीर को इतना क्यूँ सजाया मैंने
गमों को आबरू अपनी खुशी को गम समझते हैं जिन्हें कोई नहीं समझा उन्हें वस हम समझते हैं कशिश जिन्दा है अपनी चाहतों में जानेजा क्योंकि हमें तुम कम समझती हो तुम्हें हम कम समझते हैं।
कहो कुछ भी नहीं हमसे,मुझे खुद से जुदा कर दो..!झुका लो बेवफा नजरें,यहीं से अलविदा कर दो..!!ख़ता बस इतनी है मेरी,तुम्हें हम प्यार करते हैं,चले जाओ यहाँ से तुम,मेरी वापस वफा कर दो..!!भले ही तोड़ दो रिश्ता,मगर कह शुक्रिया तो दो,हमें दिल में बसाने का,जरा ये हक़ अदा कर दो..!!थे गुजरे साथ जो लम्हें,खडे़ हैं आज भी द़र पे,उन्हें तुम मुस्करा करके,अगर चाहो विदा कर दो..!!ख़फा होना भी है दस्तूर,यारों इस मोहब्बत का,बसा "वीरान" घर मेरा,कोई फिर से ख़ता कर दो..
हुस्न वाले जब तोड़ते हैं दिल किसी का, बड़ी सादगी से कहते है मजबूर थे हम.
लुट लेते है अपने ही वरना, गैरों को कहां पता इस दील की दीवार कहां से कमजोर है.
जिस जिस ने मुहब्बत में, अपने महबूब को खुदा कर दिया, खुदा ने अपने वजूद को बचाने के लिए, उनको जुदा कर दिया.
क़यामत के रोज़ फ़रिश्तों ने जब माँगा उससे ज़िन्दगी का हिसाब, ख़ुदा, खुद मुस्कुरा के बोला, जाने दो, ‘मोहब्बत’ की है इसने.
संघर्ष इंसान को मजबूत बनाता है! फिर चाहे वो कितना भी कमजोर क्यो न हो.
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