सच्चाई और मतलब से भरा हुआ होता है एक एक हरफ सारी दुनियां के शायर एक तरफ फकीरा दी फ़कीर बादशाह साब एक तरफ फ़कीर बादशाह साब ( FAKEERA) Sachchai aur matlab se Bhar huaa hota hai ek ek haraf Sari duniya ke Shayar ek taraf Fakeera the Fakir Badshah Saab Ek taraf FAKEERA THE FAKIR BADSHAH SAAB
हम सब कैदी है ये दुनिया कैदखाना है ना अपनी मर्झी से आना है ना अपनी मर्झी से जाना हैं फकिर बादशाह साब( FAKEERA) Hum sab kaidi hai Ye duniya kaid khana hai Na apni marzi se ana hai Na apni marzi se jana hai FAKEERA THE FAKIR BADSHAH SAAB
अय इंसान तू खुद को मिट्टी ना समझ तू कचरा हैं तू कूड़ा है आज जवानी पर इतरा ता है ज़िन्दगी क्या है उससे पूछ जो बूढ़ा है फ़कीर बादशाह साब ( FAKEERA) Aye insaan Tu khud ko mitti na samajh Tu kachra hai Tu kudaa hai Aaj jawaani par itra ta hai Zindagi kya hai ussey puch Jo budaa hai FAKEERA THE FAKIR BADSHAH SAAB
वोह हमारे हो ही नहीं सकते जब हम खुद हमारे हो नहीं पाए फ़कीर बादशाह साब (FAKEERA) Woh hamare Ho hi nahi sakte Jab hum khud Hamare ho nahi paaye FAKEERA THE FAKIR BADSHAH SAAB
गीरा गर मेरे सर पर पत्थर तो हस्ता क्या है ये ना भूल के तू भी उसी पहाड़ के साए में रहता है फ़कीर बादशाह साब ( FAKEERA) Gira gar mere sar par patthar To hasta kya hai Ye na bhool ke tu bhi Usi pahaad ke saaye mein rahta hai FAKEERA THE FAKIR BADSHAH SAAB
लोग क्या कहते हैं क्या सोचते है तू वो ना सोच वोह ना सुन तेरा दिल क्या चाहता है क्या कहता है तू बस अपने दिल की आवाज़ सुन फ़कीर बादशाह साब ( FAKEERA) Log kya kahte hai kya sochte hai Tu woh na soch woh na suunn Tera dil kya chahta hai kya kahta hai Tu bas apne dil ki awaaz suunn FAKEERA THE FAKIR Badshah Saab
आदमी अच्छा था सुनने के लिए मरना पड़ता है फ़कीर बादशाह साब ( FAKEERA) Adami achcha tha Sunney ke liye Marna padta hai FAKEERA THE FAKIR BADSHAH SAAB
ये सब पैसे की महेरबानी है मेरे यारों जो लोग झुक झुक कर सलाम करते है फ़कीर बादशाह साब ( FAKEERA)
ये दुनियां क्या है मौत का नगर है यहां आदमी का अंजाम या तो चिता है या तो कबर है फ़कीर बादशाह साब (FAKEERA)
ज़िन्दगी बिखर गई हैं यहां वहां मै उसे समेट कर रखूं तो रखूं कहां फ़कीर बादशाह साब ( FAKEERA)
हर तरफ धुआ धुआं हो रहा है कहीं चिताएं जल रही है कहीं जनाज़ें उठ रहे है दुनिया में ये क्या हो रहा है फ़कीर बादशाह साब ( FAKEERA)
दुनिया का ये अच्छा खेल रचा है तुन तेरी तरह ही बनाए है तूने एक से बढ़कर एक नमुने फ़कीर बादशाह साब ( FAKEERA)
आय ख़ुदा तेरा ये क्या नाटक है मै भी देखता हूं जान में जान जहां तक है फ़कीर बादशाह साब ( FAKEERA)
अमीरों पर खज़ाने लूटता है गरीबों को अंगूठा दिखता है और ख़ुद को ख़ुदा ख़ुदा कहलाता है फ़कीर बादशाह साब (FAKEERA)
बाज़ार में आग लगी है हर चीज़ हो गई है महंगी बस आदमी हो गया सस्ता उठा ज़िन्दगी के बस्ता और पकड़ मौत का रास्ता फ़कीर बादशाह साब (FAKEERA)
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