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Munna Yadav

New Delhi

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Writer’s notebook

The writing of Munna Yadav

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18 piecesLatest published writing · Page 1
Desh Bhakti Shayari
बंगाल पहुंचे संयुक्त किसान मोर्चा के नेता, कोलकाता-नंदीग्राम में राकेश टिकैत की रैलियां ।
Shayari by Munna
Desh Bhakti Shayari
एक सैनिक ने क्या खूब कहा है... किसी गजरे की खुशबु को महकता छोड़ आया हूँ, मेरी नन्ही सी चिड़िया को चहकता छोड़ आया हूँ, मुझे छाती से अपनी तू लगा लेना ऐ भारत माँ, मैं अपनी माँ की बाहों को तरसता छोड़ आया हूँ। जय हिन्द.
Desh Bhakti Shayari
कैसे कह दूँ की सरकार गुनाहगार नहीं है...क़ातिल है मगर हाथों मे तलवार नहीं है कितने घरों के चिराग बुझ गये एक पल में...ऐसे जुर्म पे भी हुकूमत शर्मसार नहीं है।
Desh Bhakti Shayari
धरती में होगी हरियाली | जीवन में होगी खुश हाली || पेड़ पौधे लगाइये | धरती को सुरक्षित करिये ||
Shayari by Munna
Desh Bhakti Shayari
शश्य-श्यामल फसलों को खेतों में लहराते-झूमते हुए? देखा है तुमने, अलमस्त हवा के झोंकों को फसलों का सिर चूमते हुए? देखा है ...
Desh Bhakti Shayari
मेरी नज़रों को ऐसी खुदाई दे जिधर भी देखूँ मेरा वतन दिखाई दे..... हवा की हो कुछ ऐसी मेहरबानियाँ बोलू जो जय हिन्द तो सारी दुनिया को सुनाई दे...... स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनायें
Desh Bhakti Shayari
भारत कोई जमीन का टुकड़ा नहीं है . जीत जगता राष्ट्र पुरुष है अभिनन्दन की भूमि है , अर्पण की भूमि है यहाँ की हर नदी हमारे लिए गंगा है , हर कंकर में शंकर है जियेंगे तो इस देश के लिए और मरेंगे तो इस देश के लिए ..... जय हिन्द जय भारत .
Desh Bhakti Shayari
जिंदगी जब तुझको समझा, मौत फिर क्या चीज है ऐ वतन तू हीं बता, तुझसे बड़ी क्या चीज है
Desh Bhakti Shayari
ऐ मेरे वतन के लोगों, ज़रा आँख में भर लो पानी। जो शहीद हुए हैं उनकी, ज़रा याद करो कुर्बानी।।
Desh Bhakti Shayari
जिसने शाहजहाँ और औरंगजेब को उनकी नानी याद दिलाई थी वो मराठा वीर शिवाजी थे, जिसने मुगलों की चूलें हिलाई थी उस भगवा ध्वज वाहक में गजब की रवानी थी………………………………….. जिसने हर हिन्दुस्तानी के दिल में फिर, देशभक्ति की आग जलाई थी………………….
Desh Bhakti Shayari
अकबर तो था आक्रमणकारी, उसे महान मत बतलाओ वीर प्रताप के गुण गाओ……… महाराणा के स्वाभिमान को मत भूल जाओ अकबर को महान बताना मक्कारी है, गद्दारी है……….. अपना प्रताप लाखों अकबरों पर अकेले भारी है……………….
Desh Bhakti Shayari
देश को आजादी के नए अफसानों की जरूरत है भगत-आजाद जैसे आजादी के दीवानों की जरूरत है…….. भारत को फिर देशभक्त परवानों की जरूरत है………………….
Desh Bhakti Shayari
जिन्हें है प्यार वतन से, वो देश के लिए अपना लहू बहाते हैं माँ की चरणों में अपना शीश चढ़ाकर, देश की आजादी बचाते हैं देश के लिए हँसते-हँसते अपनी जान लुटाते हैं…………………………

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