बोतल को बदनाम मत करो मुझको इश्क का नशा है
आंखे नशिली थी उसकी ऐसी नागिन ने डसा है !
Writer’s notebook
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मैं सौ बार रूठ जाऊँ, वो आकर हजार बार मनाए।
साथ ऐसा हो कि,
मुझे खोने की बात ही हो बस और वो डर जाए ।।
Sonu?
नींद भी नीलाम हो जाती है बाज़ार -ए- इश्क में !
किसी को भूलकर सो जाना इतना आसान नहीं होता !!
यादों में न ढूंढो हमें, मन में हम बस जायेंगे !
तमन्ना हो अगर मीलने की हाथ रखो दील पर, धड़कनो में हम मील जायेंगे
मधुशाला तेरे नयन , देखत आये चैन ।
तिरछे नयनो से पिला, क्यो करती बैचेन।।
खिडकी खोली आत्म की,पल मे बीती रैन।
जो डूबा पाया वही , प्रेम डगर चल चैन।।
मासूम है लहजा उसका और भोली सी सूरत है
नाज़ुक बदन तराशा हुआ वो बहुत खूबसूरत है
रब ने बनाया है उसको कुछ इसतरह सलीक़े से
कायनात बसती है उसमें खुशियों की इनायत है
ख़्वाहिशों से आँख भरी है दिल मुहब्बत से भरा
हर इक बात दुआ लगती है जैसे कोई इबादत है
टूट गए हैं सब पैमाने अदा अंदाज़ मुख़्तलिफ़ है
बेहिसाब हुस्न की मल्लिका या कोई क़यामत है
बच्चों सी मुस्कान उसकी, बच्चों सी भोली बातें
बच्चों सी अठखेलियाँ कुछ बच्चों सी शरारत है
किससे मुहब्बत है उसको, किसके मुक़द्दर में है
न मालूम दुनिया की बातें वो बस मेरी ज़रुरत है
इस जीवन के चौराहे पर, दो हृदय मिले भोले-भाले !
ऊँची नज़रों चुपचाप रहे, नीची नज़रों दोनों बोले !!
दुनिया ने नयनों को देखा, देखा न नयन के पानी को !
दो प्राण मिले झूमे-घूमे, दुनिया की दुनिया भूल चले !!
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