Skip to content
ShayariBooksA home for words.
Shayari Books writer

Sonu Kumar

New Delhi

CEO Webdraw Solution Pvt. Ltd.

Graduation BRABU Muzaffarpur

16 published pieces3 followers14 following Log in to follow
Writer’s notebook

The writing of Sonu Kumar

Thoughts, feelings and moments shared with the community.

Share your writing ↗
16 piecesLatest published writing · Page 1
Bewafa Shayari
माना कि जिंदगी भर मै बर्बाद रहा दिल मगर तेरे दर्द से आबाद रहा !
Bewafa Shayari
ना आये तुम तो भी मोहब्बत का नशा था हो जाओगे बर्बाद हमने पहले ही कहा था !
Bewafa Shayari
आज कल सब कहते हैं मैं बुझा सा रहता हूँ, अगर जलता रहता तो कब का खाक हो जाता।
Bewafa Shayari
नींद से क्या शिकवा जो आती नहीं रात भर, कसूर तो उस चेहरे का है जो सोने नहीं देता।
Bewafa Shayari
लाओ, वो गिरवी रखी मेरी नींदे वापस कर दो, महोब्बत नहीं दे सकते तो कीमत क्यूँ वसूलते हो
Bewafa Shayari
ज़माने के तो गम सुलझा रहा हूँ, मगर मैं खुद उलझते जा रहा हूँ ! ये दुनियां कब किसी को मानती हैं, मैं अपने आप को मनवा रहा हूँ !! ये क्या दिन आ गए हैं जिंदगी में, मैं अपने आप से ऊबता रहा हूँ ! ओ धोका दे तो उसकी क्या खता हैं, खता मेरी हैं के धोका खा रहा हूँ !!!
Bewafa Shayari
अपनी मरजी से कहाँ अपने सफर के हम हैं! रुख हवाओं का जिधर का हैं उधर के हम हैं !! चलते रहते हैं कि चलना हैं मुशाफिर का नसीब ! सोचते रहते हैं किस राहे गुजर के हम हैं !! वक़्त के साथ हैं मिट्टी का सफर सदियो से ! किसको मालूम हैं कहाँ के हैं किधर के हम हैं !!!
Bewafa Shayari
मेरी दुल्‍हन सी रातों को, नौलाख सितारों ने लूटा ! नींदें तो लूटीं रूपयों ने, सपना झंकारों ने लूटा !! ससुराल चली जब डोली तो, बारात दुआरे तक आई ! नैहर को लौटी डोली तो, बेदर्द कहारों ने लूटा !!
Bewafa Shayari
कश्ती है पुरानी मगर दरिया बदल गया, मेरी तलाश का भी तो ज़रिया बदल गया! ना शक्ल ही बदली न ही बदला मेरा किरदार, बस लोगों के देखने का नज़रिया बदल गया! हम जिस दीए के दम पर बग़ावत पर उतर आए, सोहबत के अँधेरे में वो दीया बदल गया! ईमान अदब इल्म हया कुछ भी नही क़ायम, मत पूछिए इस दौर में क्या-क्या बदल गया!!!
Bewafa Shayari
रोक देना मेरी मैय्यत को उसके घर के सामने ! लोग पूछे तो कह देना की कनधे बदल रहे है !!
Bewafa Shayari
तुम जलाकर दिये, मुँह छुपाते रहे, चाँद घूँघट घटा का उठाता रहा ! तुम न आए, हमें ही बुलाना पड़ा, मंदिरों में सुबह-शाम जाना पड़ा !! लाख बातें कहीं मूर्तियाँ चुप रहीं, बस तुम्हारे लिए सर झुकाता रहा ! दुख यही है हमें तुम रहे सामने, पर दिया प्यार का, काँपता रह गया !!
Bewafa Shayari
नेह लगा तो नैहर छूटा , पिया मिले बिछुड़ी सखियाँ रे ! उड़ जाएँ तो लौट न आयें , ज्यों मोती की लडियां रे !! देखा जो ससुराल पहुंचकर , तो दुनिया ही न्यारी थी ! फूलों सा था देश हरा , पर कांटो की फुलवारी थी !!!
Bewafa Shayari
जन्नतें मिलती है कहाँ, ख्वाहिशें कब पूरी होती है ! लो आ पहुचे उस मकां तक, फिर भी बात अधूरी होती है !!
Bewafa Shayari
मत पूछ कि क्या हाल है मेरा, तेरे आगे ! ये देख कि क्या रंग है तेरा, मेरे आगे !!

Your voice belongs here.

Share a thought, a poem or a story with the community.

Start writing ↗