किसी को क्या बताए की कितना मजबूर हूँ...
चाहा था सिर्फ एक तुमको और तुमसे ही दूर हूँ...
Writer’s notebook
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इधर तड़प है कि वो साथ नहीं...
उधर वो कहते हैं कोई बात नहीं...
आंखों में देखी जाती है प्यार की गहराइयां..
शब्दों में शब्दों में तो छुप जाती है बहुत सी तनहाइयां...!
एक बार नजरें मिला कर तो देखो
तैरती हैं कश्तियाँ तुम्हारी...
नज़र मिलाते हीं तत्काल डूब जाओगे
समंदर सी आखें हैं हमारी...
दूरियां खलती है मुझे इतने करीब रिश्तो में..
कि आ जाओ मेरे पास यूं ना मोहब्बत दो मुझे किस्तों में!!
घुट घुट के जीता रहे.. फरियाद न करे,
लाए कहां से ऐसा दिल.. जो तुम्हें याद ना करें!!
एक नजर देख मुझे कैसी नजर आती हूं....
मैंने पहना है तेरे प्यार को जेवर की तरह.....
उसका इतना सा किरदार है मेरे जीने में,
कि उसका दिल धड़कता है मेरे सीने में!!
कोई तो है जो फैंसला करता है
पथ्थरों के मुकद्दर का,
किसे ठोकरों पर रहना है
और किसे भगवान् होना है !!
मुझे रिश्तो की लंबी कतारोँ से मतलब नही ,कोई दिल से हो मेरा, तो एक शख्स ही काफी है..।
तू मोहब्बत है मेरी इसीलिए दूर है मुझसे…
अगर जिद होती तो शाम तक बाहों में होती!!
मुहब्बत में झुकना कोई अजीब बात नहीं;
चमकता सूरज भी तो ढल जाता है चाँद के लिए।
मुझे रिश्तो की लंबी कतारोँ से मतलब नही ,कोई दिल से हो मेरा, तो एक शख्स ही काफी है..
साँस थम जाती है पर जान नहीं जाती; दर्द होता है पर आवाज़ नहीं आती; अजीब लोग हैं इस ज़माने में ऐ दोस्त; कोई भूल नहीं पाता और किसी को याद नहीं आती।
ना जाने कौन सी दौलत है तेरे लफ़्जों में❓
बात करते हो तो दिल खरीद लेते हो..
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