जिसको जो कहना है कहने दो, अपना क्या जाता है,
ये वक्त वक्त की बात है, और वक्त सबका आता है.
Writer’s notebook
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जिसको जो कहना है कहने दो, अपना क्या जाता है,
ये वक्त वक्त की बात है, और वक्त सबका आता है.

जिसको जो कहना है कहने दो, अपना क्या जाता है,
ये वक्त वक्त की बात है, और वक्त सबका आता है.

मेरा जीवन गीत-गज़ल का,
जैसे वृंदावन हो जाए,
और कृष्ण जैसा अनुरागी,
काश तेरा भी मन हो जाए...
इतना तो यकीन है मुझे अपने पर,
कि लोग हमें छोड़ तो सकते हैं
लेकिन भूल नहीं सकते....!!!!
सिद्धगन्धर्व-यक्षाद्यैरसुरैरमरैरपि।
सेव्यमाना सदा भूयात् सिद्धिदा सिद्धिदायिनी।।

जय माता दी
ज़हर पीने से आदमी “मर”
जाता है लेकिन “ज़हर”
को गले में रोक लेने से “नीलकंठ”
बन जाता है.
मानव का रचा हुया सूरज
मानव को भाप बनाकर सोख गया।
पत्थर पर लिखी हुई यह
जली हुई छाया
मानव की साखी है
~ अज्ञेय ("हिरोशिमा")
तुम्हें मालूम था
यह राह नहीं निकलती
जहाँ पहुँचना मैंने
तुम उस तरफ जा भी नहीं रहे थे
फिर भी तुम चलते रहे
मेरे साथ-साथ…
- पद्मा सचदेव
सुप्रभात/Good Morning ❤️??
“जो हम दूसरों को देंगे वही लौटकर हमारे पास आएगा
चाहे वह इज्जत हो, सम्मान हो या फिर धोखा।”
आईने के सामने खड़े होकर ,
ख़ुद से ही माफ़ी माँग ली मैंने ...
सबसे ज़्यादा अपना ही
दिल दुखाया है मैंने ,
औरों को ख़ुश करते करते .... :)
शंकर सुवन केसरी नंदन। ?

शंकर सुवन केसरी नंदन। ?

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