तूफान की बात नहीं,
तूफान तो आते जाते हैं,
नर्म हवा का झोंका है,
जो दिल के बाग मे ठहरा है!!
Writer’s notebook
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कभी दिल कभी शम्मा को जला के रोए,
तेरी याद को दिल से लगा के रोए,
रात की गोद में जब सो गई दुनिया सारी,
चाँद को तेरी तसवीर बना के रोए!!
मेरी आंखों के जादू से तुम वाकिफ नहीं हो, वरना मैं उसे पागल कर देता हूं, जिस पर मुझे प्यार आ जाए!!
तुम जिन्दगी में आ तो गये हो
मगर ख्याल रखना,
हम ‘जान’ दे देते हैं
मगर ‘जाने’ नहीं देते ..
बहती हवाओं से आवाज आएगी
हर धड़कन से फरियाद आएगी..
भर देंगे आपके दिल में प्यार इतना
की सांस भी लेंगे तो सिर्फ मेरी याद आएगी!!
ना दिन का पता ना रात का,
एक जवाब दे रब मेरी बात का,
कितने दिन बीत गए उससे बिछड़े हुए,
ये बता दे कौन सा दिन रखा है
हमारी मुलाकात का?
कितने दूर चले जाते हैं वो लोग,
जिन्हें हम जिंदगी समझकर
कभी खोना नहीं चाहते....
दोस्त अपनी दोस्ती का क्या खिताब दे,
करते हैं इतना प्यार कि क्या हिसाब दे..
अगर आप से भी अच्छा फूल होता तो ला देते,
लेकिन जो खुद ही गुलदस्ता हो उसे क्या गुलाब दे!!
टूट गया दिल पर अरमां वही है,
दूर रहता हूं फिर भी प्यार वही है..
जानता हूं कि मिल नहीं पाऊंगा,
फिर भी इन आंखों में प्यार वही है!!
नजर चाहती है दीदार करना,
दिल चाहता है प्यार करना...
क्या बताएं इस दिल का आलम,
नसीब में लिखा है इंतजार करना!!
वो ख़्वाब ही क्या जिसे पूरा ना कर सके….
वो मंजिल ही क्या जिसे हासिल ना करे सके
वो बेगुनाही ही क्या जिसे साबित ना करे सके
और वो मोहब्बत ही क्या जिसके काबिल ना बन सके
नजरे जो झुखाओगे तो दीदार कैसे होगा
निगाहें जो छुपाओगे तो इकरार कैसे होगा
प्यार में तो होती हैं आँखों से बातें…
आँखे जो चुराओगे तो प्यार कैसे होगा
बड़ी बेशर्म हो गयी है दिल की हसरतें,
मैं लाख समझाऊँ पर तुझे ही चाहती है !!
नफरतें लाख मिलीं पर मोहब्बत न मिली,
ज़िन्दगी बीत गयी मगर राहत न मिली,
तेरी महफ़िल में हर एक को हँसता देखा,
एक मैं था जिसे हँसने की इजाज़त न मिली।
जब” से “वो” हमें “जगा” गए “हम” “उम्र” भर “सो” न सके,
“जाने” क्या “कशिश” थी उनमे,
“किसी” और को “हम”
“अपना” “बना” न सके…!!
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