कभी-कभी इंसान सच में थक जाता है;
खामोश रहते-रहते, दर्द सहते सहते;
सब्र करते-करते, उम्मीदें रखते रखते;
रिश्ते निभाते निभाते, सफाईयां देते देते;
और अपनों को मनाते मनाते..!!
Writer’s notebook
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जिनकी हसरत थी उनका प्यार ना मिला,
जिनका बरसो इंतजार किया उसका साथ ना मिला, अजीब खेल होते हैं ये मोहब्बत के,
किसी को हम ना मिले
और कोई हमें ना मिला...!!
खुदा का शुक्र है कि ख्वाब बना दिए,
वरना तुम्हें देखने की तो बस
हसरत ही रह जाती......!!
तुमसे इश्क करके तो पारस हो गए हम,
ना उम्र में इजाफा होता है,
ना इश्क ही कम होता है,
जिसे भी छू ले तू, फकत वो तो
निखरता ही जाता है....!!
कौन लिखता है शायरी यहां like की चाहत में...
यहां तो सुकून बरसता है...
जब कोई एहसासों को पड़ता है..!!
लोग कहते हैं कि प्यार का दर्द मीठा होता है,
तो आंख से निकला आंसू इतना नमकीन क्यों होता है?
यादें अगर आंसू होती तो चली जाती,
यादें अगर लिखावट होती तो मिट जाती,
यादें जिंदगी में बसा वह लम्हा है...
जो लाख कोशिशों के बाद भी
लफ्जों में नहीं सिमट पाती....!!
यह जिंदगी है जनाब कई रंग दिखाएगी,
कभी हँसायेगी कभी रुलाएगी,
जो खामोशी से सह गया वो निखर जाएगा,
और जो भावनाओं में बह गया वह बिखर जाएगा..!!
लोग पूछते हैं कि तुम क्यूँ अपनी मोहब्बत का इजहार नहीं करते, हमने कहा जो लफ्जों में बयां हो जाए सिर्फ उतना हम किसी से प्यार नहीं करते....!!
कोई हमें प्यार करे ऐसा कोई प्यार नहीं मिलता,
जिंदगी भर साथ निभाए ऐसा कोई यार नहीं मिलता!
दिल में उमंग है किसी से प्यार करनेकी..
मगर कोई हमें जीभरके प्यार करें ,
ऐसा कोई दिलदार नहीं मिलता....!!
रास्ते खत्म हो जाते हैं चलते चलते,
उमर यूं ही बीत जाती है किसी को चाहते चाहते,
लफ्ज़ थक जाते हैं किसी का नाम लेते लेते,
पर दिल नहीं थकता उसकी याद में रोते रोते....!!
कुछ किया नहीं पर बेगुनाह भी नहीं,
राजदार हम तेरे पर हमनवां भी नहीं!
कैसे ये उल्फत सनम...
वफा कर न सके और बेवफा भी नहीं!
तुम समझ सको तो समझ लेना...
तेरे पास भी नहीं और तुमसे जुदा भी नहीं!!
वक्त आने पर सब अपना रंग दिखा गए,
कुछ लोग इतने भूखे थे कि मेरी खुशियां भी खा गए..!!
नजर से दूर है..
फिर भी फिजा में शामिल हैं
किसी के प्यार की
खुश्बू हवा में शामिल है..!!
हुए बदनाम मगर फिर भी न सुधर पाए हम!
फिर वही शायरी.. फिर वही इश्क.. फिर वही तुम..!!
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