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Shayari Books writer

Munna Yadav

New Delhi

Market Research Associate Webdraw Solution Pvt. Ltd.

Graduation RRS Collage Raxaul

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Writer’s notebook

The writing of Munna Yadav

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330 piecesLatest published writing · Page 10
Love Shayari
दीवारो-दर से उतर के परछाइयाँ बोलती हैं कोई नहीं बोलता जब तन्हाइयाँ बोलती हैं। सुनने की मुहलत मिले तो आवाज़ है पत्थरों में उजड़ी हुई बस्तियों में आबादियाँ बोलती हैं।
Desh Bhakti Shayari
कैसे कह दूँ की सरकार गुनाहगार नहीं है...क़ातिल है मगर हाथों मे तलवार नहीं है कितने घरों के चिराग बुझ गये एक पल में...ऐसे जुर्म पे भी हुकूमत शर्मसार नहीं है।
Jokes
पत्नी:- तुम मुझसे कितना प्यार करते हो ? पति:- 72% पत्नी:- 100% क्यों नही?? पति:- 28% तो GST है ना पगली,
Love Shayari
इन आंखो मे आंसू आये न होते, अगर वो पीछे मुडकर मुस्कुराये न होते, उनके जाने के बाद बस यही गम रहेगा, कि काश वो हमारी ज़िन्दगी मे आये न होते
Sharabi Shayari
वो पिला कर जाम लबों से अपनी मोहब्बत का, अब कहते हैं नशे की आदत अच्छी नहीं होती।
Love Shayari
इतने बुरे नही थे, जितने इल्जाम लगाए लोगों ने,, कुछ मुकद्दर खराब था, कुछ आग लगाई लोगो ने !!
Love Shayari
तेरे ना होने से जिंदगी में बस इतनी सी कमी रहती है,, मैं चाहे लाख मुस्कुराऊ, आँखों में नमी सी रहती है !! :( सांस तो चलती रहती है मेरी ब-दस्तूर ,, ये धड़कने ही कुछ थमी थमी सी रहती है !!
Love Shayari
मैं इस उम्मीद में डूबा कि तू बचा लेगा, अब इससे ज्यादा तू मेरा इम्तिहान और क्या लेगा ,,
Desh Bhakti Shayari
धरती में होगी हरियाली | जीवन में होगी खुश हाली || पेड़ पौधे लगाइये | धरती को सुरक्षित करिये ||
Shayari by Munna
Love Shayari
कौन किसे दिल में हमेशा पनाह देता है। एक पेड़ भी सूखे पत्ते गिरा देता है। वाकिफ है हम इस दुनिया के मिजाज से। दिल भर जाये तो हर कोई भुला देता है
Sad Shayari
"न समझा किसी ने, न जाना किसी ने न हम ने बताया, न माना किसी ने मुहब्बत के ये कायदे भी अजब हैं न खोना किसी ने, न पाना किसी ने...
Sad Shayari
वो नज़ारे जो कभी शौक़-ए-तमन्ना थे मुझे कर दिए एक नज़र मे ही पराये उसने रंग-ए-दुनिया भी बस अब स्याह और सफ़ेद लगे मेरी दुनिया से यूँ कुछ रंग चुराए उस ने ..
Sad Shayari
बात ऊँची थी मगर बात ज़रा कम आँकी उस ने जज़्बात की औक़ात ज़रा कम आँकी वो फरिश्ता मुझे कह कर ज़लील करता रहा मैं हूँ इन्सान, मेरी ज़ात ज़रा कम आँकी
Love Shayari
कच्चे मकान देखकर किसी से रिश्ता ना तोडना दोस्तो..! तजुर्बा है मेरा की मिट्टी की पकड मजबूत होती है संगमरमर पर तो हमने अक्सर पैर फिसलते हुए देखा है..!!

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