बड़ा मज़ा आता है उसे बार-बार मुझे सताने में,
क्यो भूल जाती है कि नहीं मिलेगा,
कोई मुझसा चाहने वाला इस जमाने में,
नहीं आए यकीं तो फिर आज़माकर देख लेना
कुछ बात अलग है इस दीवाने में
तारीफ नहीं करता खुद की,
मगर ये सच है
कोई कसर नहीं छोडूंगा तेरा साथ निभाने में
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