1.खुदा मुझे किसी तूफ़ान से आश्ना कर दे की तेरे बेहर की मौजों में इज़्तराब नहीं तुझे किताब से मुमकिन नहीं फराग की तू किताब- खावण है मगर साहिब -ऐ-किताब नहीं ……………………………………………………………………………………………………………………………………………………. 1.ना अफ़सोस है तुझे साहब ना कोई शर्मिंदगी है गुजर रही है जो गुनाहों में ये कैसी जिंदगी है ……………………………………………………………………………………………………………………………………………………. 1.गम-ऐ-हयात परेशान ना कर सकेगा मुझे की आ गया है हुनर मुझको मुस्कुराने का 2.मज़ा देती है उनको जिंदगी की ठोकरें मोहसिन जिनको नाम -ऐ-खुदा लेकर संभल जाने की आदत हो ………………………………………………………………………………………………………………………………………………….. 1.जो यकीन की राह पर चल पड़े उन्हें मंजिलों ने पनाह दी जिन्हे वासस्वासों ने डरा दिया वो कदम कदम पर बहक गए …………………………………………………………………………………………………………………………………………………… 1.ख्वाबों की ताबीर में जिंदगी उलझा ली इतनी की हकीकत में रहना का सलीका ही हम भूल गए ……………………………………………………………………………………………………………………………………………………. 1.ज़िंदगी तुझसे हर एक साँस पे समझौता करूँ शौक जीने का है मुझको मगर इतना तो नहीं रूह को दर्द मिला दर्द को आँखें ना मिली तुझको महसूस किया है तुझको देखा तो नहीं 2.ज़िंदगी जीते जीते हम मरना सीख गए खड़े थे मौत की राह पर मगर जीना सीख गए अब तो इस ज़िंदगी पे भी तरस आने लगा है जो जीते हुए मरना मरते हुए जाना सीख गए ……………………………………………………………………………………………………………………………………………………. 1.ना गुल ना ये गुलिस्तां हमारा है जिसे पूजते है ना वो फरिश्ता हमारा है चल पड़े है जिस मंजिल की तरफ ना वो मंजिल ना वो रास्ता हमारा है 2.मोम की तरह पिघलती जा रही है जिंदगी क्यों इस तरह हाथ से फिसल रही है जिंदगी हम तुम्हे पाना चाहते है दिल में बसाना चाहते है पर क्यों अनचाहे सदमों से गुजर रही है जिंदगी ……………………………………………………………………………………………………………………………………………………. 1.बहुत पहले से उन कदमो की आहट जान लेते है तुझे ऐ जिंदगी हम दूर से पहचान लेते है ……………………………………………………………………………………………………………………………………………………. 1.ज़िंदगी से सभी को मोहब्बत है मगर जिंदगी किसी की मोहब्बत नहीं बनती तमन्ना लेकर जीते है सब लोग मगर हर तमन्ना तक़दीर नहीं बनती ……………………………………………………………………………………………………………………………………………………. 1.इतनी बदसलूकी ना कर ऐ जिंदगी हम कौन सा यहाँ बार बार आने वाले है ……………………………………………………………………………………………………………………………………………………. 1.काश तक़दीर भी होती जुल्फ की तरह जब जब बिखरती तब तब संवार लेते 2.तेरी ख़ुशी से अगर गम में भी ख़ुशी ना हुई वो जिंदगी तो मोहब्बत की जिंदगी ना हुई ……………………………………………………………………………………………………………………………………………………. 1.हाथ में हाथ उनका यूँ आया जिंदगी मेरे हाथ लग गयी हो जैसे ……………………………………………………………………………………………………………………………………………………. 1.खुदा तो मिलता है इंसान ही नहीं मिलता ये चीज वो है जो देखी कहीं कहीं मैंने ……………………………………………………………………………………………………………………………………………………. 1.आग पानी में लगाने का हुनर सीखा है काम मुश्किल है बहुत हमने मगर सीखा है ये जो चलते नजर आते है मुसलसल हम लोग कुछ तो पानी की तलब है जो सफर सीखा है 2.गुजर ना जाये कहीं उम्र एहतेयातों में जो काम करने है वो दीवाना वार कर डालूँ 3.जिंदगी ख़ाक ना थी ख़ाक उड़ाते गुजरी तुझसे क्या कहते तेरे पास जो आते गुजरी दिन जो गुजरा तो किसी याद में गुजरा शाम आई तो कोई ख्वाब दिखाते गुजरी 4.वही अहल-ऐ-कारवां है वही बे हिसी का आलम ना किसी को मंजिल ना गम -ऐ-शिकस्ता पानी 5.उम्र -ऐ दराज मांग के लाये थे चार दिन दो आरजू में कट गए दो इन्तजार में ……………………………………………………………………………………………………………………………………………………. 1.हमें तो काटनी है शाम-ऐ-गम में जिंदगी अपनी जहाँ वो है वहीँ आई चाँद ले जा चांदनी अपनी 2.बहुत रोया था जब मेरा जन्म हुआ था और हँस रही थी ये दुनिया मगर दोस्तों इक दिन बदला लूंगा हँसता हुआ जाऊंगा और रोयेगी ये दुनिया 3.वक़्त बदल जाता है इंसान बदल जाते है वक़्त वक़्त पे रिश्तो के अंदाज बदल जाते है कभी कह दिया अपना तो कभी कर दिया पराया दिन और रात की तरह जिंदगी के एहसास बदल जाते है ……………………………………………………………………………………………………………………………………………………. 1.इत्तेफ़ाक़ जब मिल जाते हो राह में तुम कभी यूँ लगता है करीब से जिंदगी जा रही हो जैसे 2.जिंदगी में जो हम चाहते है वो आसानी से नहीं मिलता लेकिन जिंदगी का सच ये है की हम भी वही चाहते है जो आसान नहीं होता 3.क़ब्र की मिट्टी हाथ में लिए सोच रही हूँ लोग मरते है तो गुरुर कहाँ जाता है …………………………………………………………………………………………………………………………………………………… 1.मेरी चाहतें तुमसे अलग कब है दिल की बातें तुमसे छुपी कब है तुम साथ रहो दिल में धड़कन की जगह फिर जिंदगी को साँसों की जरुरत कब है ……………………………………………………………………………………………………………………………………………………. 1.इक कार्ब ऐ वफ़ा मुसलसल मुझे सोने नहीं देता दिल सबर का आदि कभी रोने नहीं देता मैं उसका हूँ ये राज तो वो जान गया है वो किसका है एहसास ये होने नहीं देता ………………………………………………………………………………………………………………………………………………….. 1.जिंदगी जब किसी दो राहें पर लाती है एक अजीब सी कसमकश में पड़ जाती है चुनते है हम किसी एक राह को फिर क्यों राह बहुत याद आती है ……………………………………………………………………………………………………………………………………………………. 1.पल पल सुनहरे फूल खिले कभी ना हो काँटों का सामना जिंदगी आपकी खुशियों से भरी रहे हर पल हमारी यही शुभकामना 2.दिल के लिए दर्द भी रोज नया चाहिए जिंदगी तू ही बता कैसे जीना चाहिए मानो मेरी काज़मी तुम हो भले आदमी फिर वही आवारगी कुछ तो हया चाहिए ……………………………………………………………………………………………………………………………………………………. 1.हाथ में उसके कलम का आना अच्छा लगता है उसको भी स्कूल को जाना अच्छा लगता है बड़ा कर दिया गर्दिश ने वक़्त से पहले वरना सर पे किसको बोझ उठाना अच्छा लगता है 2.नाराज होना आपसे गलती कहलाएगी आपकी रुस्वाई से साँसे थम जाएगी हँसते रहना हमेशा आपकी हँसी से हमारी जिंदगी संवर जाएगी 3.जिंदगी जीते जीते हम मरना सीख गए मौत की राह पे खड़े है पर कम्बक्त जीना सीख गए अब तो इस जिंदगी पे भी तरस आने लगा है जो जीते हुए मरना और मरते हुए जीना सीख गए
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