दो दिन कि मुहब्बत मे सारे खुशियो के लम्हें गुजर गऐ गम का ऐसा खन्ज़र मरा है कि दिल के कतरे बिखर गऐ इन कतरों को समैटते समैटते कबृस्तान आ गऐ
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