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"एक सुनार था, उसकी दुकान से मिली हुई एक लोहार की दुकान थी। सुनार जब काम करता तो उसकी दुकान से बहुत धीमी आवाज़ आती, किन्तु जब लोहार काम करता तो उसकी दुकान से कानों को फाड़ देने वाली आवाज़ सुनाई देती। एक दिन एक सोने का कण छिटक कर लोहार की दुकान में आ गिरा। वहाँ उसकी भेंट लोहार के एक कण के साथ हुई। सोने के कण ने लोहे के कण से पूछा- भाई हम दोनों का दुख एक समान है, हम दोनों को ही एक समान आग में तपाया जाता है और समान रूप ये हथौड़े की चोट सहनी पड़ती है। मैं ये सब यातना चुपचाप सहता हूँ, पर तुम बहुत चिल्लाते हो, क्यों? लोहे के कण ने मन भारी करते हुऐ कहा- तुम्हारा कहना सही है, किन्तु तुम पर चोट करने वाला हथौड़ा तुम्हारा सगा भाई नहीं है। मुझ पर चोट करने वाला लोहे का हथौड़ा मेरा सगा भाई है। परायों की अपेक्षा अपनों द्वारा दी गई चोट अधिक पीड़ा पहुचाँती है" दिल को छू जाने वाली बात
पत्नी:- तुम मुझसे कितना प्यार करते हो ? पति:- 72% पत्नी:- 100% क्यों नही?? पति:- 28% तो GST है ना पगली, लक्ज़री आइटम पर।
संता और बंता दोनों भाई एक ही क्लास में पढ़ते थे। अध्यापिका: तुम दोनों ने अपने पापा का नाम अलग-अलग क्यों लिखा? संता: मैडम फिर आप कहोगे नक़ल मारी है, इसीलिए।
शराबी चाहे कितना भी अनपढ क्यों न हो, Quarter के तीन पेग ऐसे बनाता है, जैसे किसी प्रयोगशाला का बहुत बडा Scientist हो!!
“मशहूर हुए वो जो कभी क़ाबिल ना थे और तो और…. कमबख़्त मंजिल भी उन्हें मिली जो दौड़ में कभी शामिल ना थे *रामनाथ कोविन्द को समर्पित आडवाणी जी की कलम से ( दो पैग मारने के बाद)
5 प्रकार के शाकाहारी लोग हमारे भारत देश में शुद्ध शाकाहारी अंडेवाला केक खा लेता हूँ पर आमलेट नहीं खाता । अंडा खाता हूँ पर चिकन नहीं खाता बाहर खा लेता हूँ पर घर पर नहीं खाता । जब पीता हूँ तो खा लेता हूँ, नहीं पीता तो नहीं खाता
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