सितमगर वक्त के तेवर बदल जाए तो क्या होगा। मेरा सर और तेरा पत्थर बदल जाए तो क्या होगा। अमीरों कुछ ना दो ताने तो ना दो इन फकीरों को जरा सोचो अगर मंजर बदल जाए तो क्या होगा।।
Yashraj
अकेले हैं तो क्या हुआ दोस्तो ,कभी किसी को धोखा तो नहीं दिया ।और ऐसा नहीं है कि हमने कभी किसी से प्यार नहीं किया या कभी किसी को दिल नहीं दिया। बस हमारा तो प्यार एक तरफा था इसलिए आज भी उसे खामोशी से निभाते हैं ।और जो नहीं समझ सके मेरी मोहब्बत को वह मुझे singal boy के नाम से बुलाते हैं।।
By Yashraj
अकेले हैं तो क्या हुआ दोस्तो ,कभी किसी को धोखा तो नहीं दिया ।और ऐसा नहीं है कि हमने कभी किसी से प्यार नहीं किया या कभी किसी को दिल नहीं दिया। बस हमारा तो प्यार एक तरफा था इसलिए आज भी उसे खामोशी से निभाते हैं ।और जो नहीं समझ सके मेरी मोहब्बत को वह मुझे singal boy के नाम से बुलाते हैं।।
*"कद्र"* करनी है तो *"जीते जी"* करें
*"मरने"* के बाद तो *"पराए"* भी रो देते हैं
आज *"जिस्म"* मे *"जान"* है तो
देखते नही हैं *"लोग"*
जब *"रूह"* निकल जाएगी तो
*"कफन"* हटा हटा कर देखेंगे
*किसी ने क्या खूब लिखा है*
*"वक़्त"* निकालकर
*"बाते"* कर लिया करो *"अपनों से"*
अगर *"अपने ही"* न रहेंगे
तो *"वक़्त"* का क्या करोगे
*"गुरुर"* किस बात का... *"साहब"*
आज *"मिट्टी"* के ऊपर
तो कल "मीट्टीकै नीचे.
उठ जाता हूं..भोर से पहले..सपने सुहाने नही आते..
अब मुझे स्कूल न जाने वाले..बहाने बनाने नही आते..
कभी पा लेते थे..घर से निकलते ही..मंजिल को..
अब मीलों सफर करके भी...ठिकाने नही आते..
मुंह चिढाती है..खाली जेब..महीने के आखिर में..
अब बचपन की तरह..गुल्लक में पैसे बचाने नही आते..
यूं तो रखते हैं..बहुत से लोग..पलको पर मुझे..
मगर बेमतलब बचपन की तरह गोदी उठाने नही आते..
माना कि..जिम्मेदारियों की..बेड़ियों में जकड़ा हूं..
क्यूं बचपन की तरह छुड़वाने..वो दोस्त पुराने नही आते..
बहला रहा हूं बस दिल को बच्चों की तरह..
मैं जानता हूं..फिर वापस बीते हुए जमाने नही आते..
Today I choose life. Every morning when I wake up I can choose joy, happiness, negativity, pain... To feel the freedom that comes from being able to continue to make mistakes and choices - today I choose to feel life, not to deny my humanity but embrace it.
Infuse your life with action. Don't wait for it to happen. Make it happen. Make your own future. Make your own hope. Make your own love. And whatever your beliefs, honor your creator, not by passively waiting for grace to come down from upon high, but by doing what you can to make grace happen... yourself, right now, right down here on Earth.