सफर ज़िन्दगी का तन्हा तन्हा है चारों तरफ मेला ही मेला है इतनी सारी भीड़ मै भी इंसान अकेला अकेला है फ़कीर बादशाह साब (FAKEERA)
मै ज़िन्दगी से ज़िन्दगी मुझसे बेज़ार हो गई है मेरा जिस्म नहीं मेरी रूह बीमार हो गई है फ़कीर बादशाह साब ( FAKEERA)
ज़िन्दगी ने ज़िन्दगी भर ज़िन्दगी को उलझा दिया मौत आयी मौत ने ज़िन्दगी की हर उलझन को सुलझा दिया फ़कीर बादशाह साब ( FAKEERA)
उड़ उड़ के कितना उड़ेगा अय आदमी तेरी उड़ान भी तो एक हद मै है चलते चलते कभी भी कहीं भी रुक जाती है ज़िन्दगी भी तो मौत की ज़द में है फ़कीर बादशाह साब ( FAKEERA)
अय ज़िंदगी तेरे चेहरे पर एक मुस्कान की खातिर बहोत आंसू बहाए है मेरी आंखों ने फ़कीर बादशाह साब (FAKEERA)
खौईशे बे सबर सी है दुआयें बे असर सी है हर पल की फिकर सी है ज़िन्दगी मुक्तसर सी है फ़कीर बादशाह साब ( FAKEERA)
मेरे आज़ाद जिस्म को क़ैद ए रूह मत देना बड़ी मुश्किल से काटी है साजा ए ज़िन्दगी मैंने फ़कीर बादशाह साब (FAKEERA)
मै ज़िन्दगी से ज़िन्दगी भर लड़ा ज़िन्दगी को ज़िन्दगी से जीता ने के लिए पर ज़िन्दगी तो ज़िन्दगी से हार ही गई एसी आंधी चली मेरी ज़िंदगी में के मेरी ज़िन्दगी से मेरे ज़िन्दगी की बहार ही गई ज़िन्दगी तो ज़िन्दगी से हार ही गई फ़कीर बादशाह साब ( FAKEERA)
ज़िन्दगी मज़ाक नहीं है दोस्तों ज़िन्दगी मैदान ए जंग है एक तरफ खाई है एक तरफ आग का दरिया बीच में रास्ता बड़ा तंग है ज़िन्दगी मैदान ए जंग है फ़कीर बादशाह साब (FAKEERA)
sudhar jao ye bat to hamse bachpan me hi kaha karte the log nasha jam se jyada hota aankho se peene mein kaha krte the log par hum nahi mante the jab aaj teri aankho se chhalkta jam piya to pata chala ki sach hi kaha karte the log
जिन्दगी यदि कमपय्टर हुनथि भने मानिसको दिल भित्र पनि सि .पि.यृ. हुनथि भने जसा सबै याद हरु सवे हुन्थ्यो होला दिमाग म print हुन्थ्यो भने कालप्नन सपना हरु pरिन्त अाउट गरेर निस्के न्स्क्नथो होला धङकन हरु मा पेन ड्र एव हुन्थ्यो भने कुरा कनि स्म्वदेन हरु ट्रान्स्फेर हुन्थ्यो होला अाँखा मा वेव कयाम हुन्थ्यो यदि भने उनको तस्बिर रिइशव गर्थ्री होला साच्चै जेन्दगी एक कमपयृटर हुन्थ्यो भने जिन्दगी एक पटक रि strat हुन्थ्यो होला Om Raizo
Ye zindagi kya hai ek paheli hai ! Sukh aur dukh ki saheli hai ! Kabhi dikhati mayusi, dard, To kabhi khushiyon ki toli hai ! Wqt ki parwaah mat kar tu chalta chal, Ek din milegi tujhe manzil ye taiy hai ! Maan ki tujhe mil rahe hain har pal dhoke, Bina dard jiye, khushi ka ehsaas mushkil hai ! Dekha hai maine tujhe wqt pe aansu bahaate, Yu is tarah manega haar to jeet mushquil hai ! Mai ye to nahi kehta khatm kar dunga dukh tere, Hu saath tere har mod pe ye bulkul sach hai !!
Bahut himmat hain mujhme... Uhi nhi bar bar gir kar.. Uth gai... Aakhir Fauji ki Beti hu... ??
Aaj phr se fikar ki lakire dekhi Aaj phr se zindagi hath se fisalti dekhi ....
Mai kon hu,Aur kaya hu. Mai kiya the,Aur kiya hu. Picha mud ke dakta hu To apne app ko aklaa mhesus karta hu...! (sd8)
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