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Har saans mai basa hai tu , teri khushbu..! Har kwaab mai basaa hai tu, teri Khushbu..! Ai watan hum tere liye jaan bhi denge, Mar mite hum tujh pe yehi hai aarju..!
ye nazar, ye haath, ye sab hai tera..! Ye jazbaa, ye bhakti hai sab tera..! Ye aawaaz de rahaa hai kuch kar mere liye, Ab se har lamha hoga bas tera..! Isi ki mitti mai hum pal ke bade hue, Hum bahut sa hai karz tera..! Tune humain sift diya hi hai kabhkuch kiya nahi, Ab waqt hai humara utarne ko karz tera..! Ai watan, ai watan, hum chal pade hai raah teri, De denge har qatra, tubh janam safal hoga mera..1 Jai Watan.....Jai Watan...!
Happy Independence Day 2019
ज़माने भर में मिलते हे आशिक कई , मगर वतन से खूबसूरत कोई सनम नहीं होता , नोटों में भी लिपट कर, सोने में सिमटकर मरे हे कई , मगर तिरंगे से खूबसूरत कोई कफ़न नहीं होता
खूब बहती है, अमन की गंगा बहने दो… मत फैलाओ देश में दंगा रहने दो… लाल हरे रंग में ना बाटो हमको… मेरे छत पर एक तिरंगा रहने दो
खुशनसीब हैं वो जो वतन पर मिट जाते हैं, मरकर भी वो लोग अमर हो जाते हैं, करता हूँ उन्हें सलाम ए वतन पे मिटने वालों, तुम्हारी हर साँस में तिरंगे का नसीब बसता है
कुछ नशा तिरंगे की आन का है, कुछ नशा मातृभूमि की मान का है, हम लहरायेंगे हर जगह ये तिरंगा, नशा ये हिन्दुस्तान की शान का है
कर जस्बे को बुलंद जवान तेरे पीछे खड़ी आवाम हर पत्ते को मार गिरायेंगे जो हमसे देश बटवायेंगे
तैरना है तो समंदर में तैरो नालों में क्या रखा हैं, प्यार करना है तो देश से करो औरों में क्या रखा हैं
मैं भारत बरस का हरदम सम्मान करता हूँ, यहाँ की चांदनी मिट्टी का ही गुणगान करता हूँ, मुझे चिंता नहीं है स्वर्ग जाकर मोक्ष पाने की, तिरंगा हो कफ़न मेरा, बस यही अरमान रखता हूँ
ऐ मेरे वतन के लोगों तुम खूब लगा लो नारा ये शुभ दिन है हम सब का लहरा लो तिरंगा प्यारा पर मत भूलो सीमा पर वीरों ने है प्राण गँवाए कुछ याद उन्हें भी कर लो जो लौट के घर न आये
मुझे ना तन चाहिए, ना धन चाहिए बस अमन से भरा यह वतन चाहिए जब तक जिन्दा रहूं, इस मातृ-भूमि के लिए और जब मरुँ तो तिरंगा कफ़न चाहिये
आजादी की कभी शाम नहीं होने देंगे शहीदों की कुर्बानी बदनाम नहीं होने देंगे बची हो जो एक बूंद भी लहू की तब तक भारत माता का आँचल नीलाम नहीं होने देंगे
अब तक खून नहीं खौला ओ खून नहीं पानी है जो देश के काम ना आय ओ बेकार जवानी है
एक सैनिक ने क्या खूब कहा है... किसी गजरे की खुशबु को महकता छोड़ आया हूँ, मेरी नन्ही सी चिड़िया को चहकता छोड़ आया हूँ, मुझे छाती से अपनी तू लगा लेना ऐ भारत माँ, मैं अपनी माँ की बाहों को तरसता छोड़ आया हूँ। जय हिन्द.
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