तेरी मेरी जो नजर मिली हैं इसकी किसी को खबर न लगे देखता हूँ तुझे उस नजर से कि तुझको मेरी नजर न लगे
मेरी समझ से रेलवे को सारी ट्रेने बंद करके सिर्फ प्लेटफॉर्म टिकेट बेचने चाहिये। ?
नगरी हो अयोध्या सी रघुकुल सा घराना हो और चरण हो राघव के जहाँ मेरा ठिकाना हो ?
धीरे धीरे उम्र कट जाती है, जीवन यादों की पुस्तक बन जाती है, कभी किसी की याद बहुत तड़पाती है और कभी यादों के सहारे ज़िन्दगी कट जाती है..
सही वक़्त पर पिए गए “कड़वे घूंट” अक़्सर ज़िन्दगी “मीठी” कर दिया करते है”
जो नजर से गुजर जाया करते हैं; वो सितारे अक्सर टूट जाया करते हैं; कुछ लोग दर्द को बयां नहीं होने देते, बस चुपचाप बिखर जाया करते हैं।
उठे दिल की आवाज या हक बयानी ये फनकार की ही सदा बोलती है फकत एक तहरीर के दम से हरदम कलम बन के फन की ज़ुबां बोलती है
सच कहूँ तो मुझे एहसान बुरा लगता है, जुल्म सहता हुआ इंसान बुरा लगता है, कितनी मसरुक हो गयी है ये दुनिया, एक दिन ठहरे तो मेहमान बुरा लगता है।
हम तो तेरे दिल की महफ़िल सजाने आए थे; तेरी कसम तुझे अपना बनाने आए थे; किस बात की सजा दी तुने हमको बेवफा; हम तो तेरे दर्द को अपना बनाने आए थे।
सौदा कुछ ऐसा किया है तेरे ख़्वाबों ने मेरी नींदों से.., या तो दोनों आते हैं, या कोई नहीं आता..
दिल टूटने पर भी जो शख्स शिकायत तक न करे, उस शख्स की मोहब्बत में कमियां न निकाला कर।
सवाल जहर का नहीं था वो तो मैं पी गया. . . तकलीफ लोगों को तब हुई जब मैं थोड़ा जी गया. .
जिस जगह जाकर कोई वापस नहीं आता जाने क्यों आज वहां जाने को जी चाहता है
तुमसे ही रूठ कर तुम्ही को याद करते हैं हमे तो ठीक से नाराज़ होना भी नही आता
Happy teachers day
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