समझता कोई नहीं है समझाते सब हैं..... ?
कैसे भरोसा करू इंसानियत पर आज कल तो इंसान दोस्त तक उसकी जेब ओर ओकात देख कर बनाता है ✍️✍️ Ravi sharma (mravi)
कैसे भरोसा करूं इंसानियत पर आज कल तो इंसान दोस्त तक उसकी जेब ओर ओकत देख कर बनाता है
दिल में प्रेम को बसाओ, प्रेम में रम जाओ फिर राधे-श्याम को देखने वृंदावन आओ.
मैंने सुना था कलियुग आयेगा ऐसा आयेगा और इतनी जल्दी यह कभी नहीं सोचा था
*बिखरा हुआ समाज* और *बिखरा हुआ परिवार* कभी *बादशाह* नहीं बन सकता, लेकिन वह *आपस मे लड़ कर* दूसरों को *बादशाह* जरूर बना देता है...!
मौन है स्त्री नि.शब्द नहीं, आवाज़ है पर बोलती नहीं जज़्बात है मुंह खोलती नहीं, चाहत है पर किसी से उम्मीद नहीं पहल ना करती पर किसी से डरती नहीं, जीत की चाह नहीं हार मानती नहीं आईना है पर बिखरती नहीं, दर्द से भरी है जीना छोड़ती नहीं.....
Sham hai sath Chirago ke Sihaye kay siwa kuch bhe nahi.... hum wo thay ke shamo ko roshan kiya karte thay kabhi
कभी जीने की आशा, कभी मन की निराशा, कभी खुशियो की धूप,कभी हकीकत की छांव,, कुछ खोकर कुछ पाने की आशा, शायद यही है जीवन की परिभाषा... ?आप सभी का दिन शुभ हो? ?जय श्री राधेकृष्णा?
उदासियों की वजह तो पर बेवजह खुश रहने का मजा ही कुछ और है… बहुत है जिंदगी में,
आप अपनी सोच सकारात्मक रखे, क्योकि ये आपके शब्द बन जाते हैं । आप अपने शब्द सकारात्मक रखे , क्योकि ये आपका ब्यवहार बन जाती है। आप अपना ब्यवहार सकारत्मक रखे , क्योकि ये आपकी आदते बन जाती है । और आप अपनी आदते सकारात्मक रखे , क्योकि ये आदते आप आपकी बैलयु बन जाती है ।
Happiness is the real sense of fulfillment that comes from hard work.
कभी हम भी झूमेंगे मौज में, पर अभी वक्त स्थिर रहने का है। कभी हम भी देखेंगे दुनिया पूरी, पर अभी वक्त दुनिया को दिखाने का है। इच्छाएं तो अनंत होती है सभी की, पर अभी वक्त सपनों को पूरा करने का है। जीना चाहता है काई बार दिल जवानी के पालो को, पर अभी वक्त बाकी के जीवन के लिए कुछ करने का है|
Donna is offline
KRB is offline
Himanshu is offline
Abhay is offline
anonymous is offline
abhay is offline
Jack is offline
Jhunnu is offline
kamal is offline
geeta is offline
Jamesmut is offline
Munna is offline
Dileep is offline
bharat is offline
Laden is offline
Please Login or Sign Up to write your book.