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Anmol Vachan

A little shayari, a little reflection. Read words shared from the heart.

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182 piecesLatest published writing · Page 5
Anmol Vachan
शेरों की तरह जीते हैं हम सर झुकाना भी जानते हैं और सर उखड़ना भी ।। ??♥️♥️
Shayari by Rakesh
Anmol Vachan
*??दूध ना पचे तो ~ सोंफ* , *??दही ना पचे तो ~ सोंठ*, *??छाछ ना पचे तो ~जीरा व काली मिर्च* *??अरबी व मूली ना पचे तो ~ अजवायन* *??कड़ी ना पचे तो ~ कड़ी पत्ता,* *??तैल, घी, ना पचे तो ~ कलौंजी...* *??पनीर ना पचे तो ~ भुना जीरा,* *??भोजन ना पचे तो ~ गर्म जल* *??केला ना पचे तो ~ इलायची* *??ख़रबूज़ा ना पचे तो ~ मिश्री का उपयोग करें...* 1.योग,भोग और रोग ये तीन अवस्थाएं है। 2. *लकवा* - सोडियम की कमी के कारण होता है । 3. *हाई वी पी में* - स्नान व सोने से पूर्व एक गिलास जल का सेवन करें तथा स्नान करते समय थोड़ा सा नमक पानी मे डालकर स्नान करे । 4. *लो बी पी* - सेंधा नमक डालकर पानी पीयें । 5. *कूबड़ निकलना*- फास्फोरस की कमी । 6. *कफ* - फास्फोरस की कमी से कफ बिगड़ता है , फास्फोरस की पूर्ति हेतु आर्सेनिक की उपस्थिति जरुरी है । गुड व शहद खाएं 7. *दमा, अस्थमा* - सल्फर की कमी । 8. *सिजेरियन आपरेशन* - आयरन , कैल्शियम की कमी । 9. *सभी क्षारीय वस्तुएं दिन डूबने के बाद खायें* । 10. *अम्लीय वस्तुएं व…
Anmol Vachan
लम्हे फुर्सत के आएं तो, रंजिशें भुला देना दोस्तों, किसी को नहीं खबर कि सांसों की मोहलत कहाँ तक है।।
Shayari by Munna
Anmol Vachan
निकले हैं वो लोग मेरी शख़्सियत बिगाड़ने! किरदार जिनके खुद मरम्मत माँग रहे हैं! #शुभप्रभात ?
Anmol Vachan
धूप मेरे सर पर है मंजिल तुम्हारे पास है मसला मेरा है लेकिन हल तुम्हारे पास है बादल बनकर मैं आज आसमां पर छा गया जिससे मैं बादल बना वो जल तुम्हारे पास है......
Anmol Vachan
जीवन की सबसे महंगी वस्तु है आपका वर्तमान, जो एक बार चला जाए तो फिर पूरी दुनिया कि संपत्ति से भी हम उसे खरीद नहीं सकते। शुभ संध्या
Anmol Vachan
पैसो से भौतिक वस्तुओं को ख़रीदा जा सकता है मगर दिल कि जरूरतो को नही
Anmol Vachan
हिल रहा था पानी का #कलश कीचड़ से सनी उसकी देह पर भीगे आँचल से झलकते अंग जैसे हमारी सभ्यता का शव हो! कभी गाये थे उसने कलश की पवित्र गरिमाओं के गीत अँजुरी मे भर मंत्र की तरह, और इन सभ्यताओं ने सुनी थी ओस की टप टप को संगीत में चमकते, गरजते, बरसते हुए भीगी रातों में पानी की धज को!
Shayari by Munna
Anmol Vachan
घायल तो यहाँ हर एक परिंदा है , मगर जो फिर से उड़ सका वहीं ज़िन्दा है... :)
Anmol Vachan
करम प्रधान विस्व करि राखा। जो जस करई सो तस फलु चाखा।। ईश्वर ने कर्म (Deed) को ही महानता दी है। उनका कहना है कि जो जैसा कर्म (Work) करता है उसको वैसा ही फल मिलता है। II राधे राधे बोलना पड़ेगा II
Shayari by Munna

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