Bharat Mata Teri Gatha,
Sabse Unchi Teri Shaan,
Tere Age Sheesh Jhukaye,
De Tujhko Hum Sab Samman!
Words for every feeling
Share your writing ↗Desh Bhakti Shayari
A little shayari, a little reflection. Read words shared from the heart.
मैं भारत बरस का हरदम अमित सम्मान करता हूँ
यहाँ की चांदनी मिट्टी का ही गुणगान करता हूँ,
मुझे चिंता नहीं है स्वर्ग जाकर मोक्ष पाने की,
तिरंगा हो कफ़न मेरा, बस यही अरमान रखता हूँ।
संस्कार और संस्कृति की शान मिले ऐसे,
हिन्दू मुस्लिम और हिंदुस्तान मिले ऐसे
हम मिलजुल के रहे ऐसे की
मंदिर में अल्लाह और मस्जिद में राम मिले जैसे.
धरती में होगी हरियाली |
जीवन में होगी खुश हाली ||
पेड़ पौधे लगाइये |
धरती को सुरक्षित करिये ||

न मरो सनम बेवफा के लिए,
दो गज जमीन नहीं मिलेगी दफ़न होने के लिए,
मरना है तो मरो वतन के लिए,
हसीना भी दुपट्टा उतार देगी तेरे कफ़न के लिए!!!
शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले,
वतन पे मर मिटने वालों का बाकी यही निशां होगा
अनेकता में एकता ही इस देश की शान है,
इसीलिए मेरा भारत महान है
हमारी पहचान तो सिर्फ ये है कि हम भारतीय हैं !!!!
मैं भारतवर्ष का हरदम अमिट सम्मान करता हूँ
यहाँ की चांदनी मिट्टी का ही गुणगान करता हूँ,
मुझे चिंता नहीं है स्वर्ग जाकर मोक्ष पाने की,
तिरंगा हो कफ़न मेरा, बस यही अरमान रखता हूँ।
न पूछो ज़माने को,
क्या हमारी कहानी है,
हमारी पहचान तो सिर्फ ये है,
की हम सिर्फ हिन्दुस्तानी हैं ......!!!
मेरा "हिंदुस्तान" महान था,
महान है और महान रहेगा,
होगा हौसला बुलंद सब के ड़ों में बुलंद
तो एक दिन पाक भी जय हिन्द कहेगा.
लिख रहा हूं मैं अजांम जिसका कल आगाज आयेगा,
मेरे लहू का हर एक कतरा इकंलाब लाऐगा
मैं रहूँ या ना रहूँ पर ये वादा है तुमसे मेरा कि,
मेरे बाद वतन पर मरने वालों का सैलाब आयेगा
आजादी की कभी शाम नहीं होने देंगे
शहीदों की कुर्बानी बदनाम नहीं होने देंगे
बची हो जो एक बूंद भी लहू की
तब तक भारत माता का आँचल नीलाम नहीं होने देंगे
आओ झुक कर सलाम करे उनको,
जिनके हिस्से में ये मुकाम आता है,
खुशनसीब होता है वो खून
जो देश के काम आता है…..!!
गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं!
वतन हमारा ऐसा कोई ना छोड पाये ,
रिश्ता हमारा ऐसा कोई न तोड़ पाये ,
दिल एक है जान एक है हमारी ,
हिन्दुस्तान हमारा है यह शान हैं हमारी।
गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनायें ।
Independence Day Shayari
लहराएगा तिरंगा अब सारे आस्मां पर,
भारत का नाम होगा सब की जुबान पर,
ले लेंगे उसकी जान या दे देंगे अपनी जान,
कोई जो उठाएगा आँख हमारे हिंदुस्तान पर।
तिरंगा हमारा हैं शान-ए-ज़िन्दगी,
वतन परस्ती हैं वफ़ा-ए-ज़मी,
देश के लिए मर मिटना कबूल हैं हमे,
अखण्ड भारत के स्वप्न का जूनून हैं हमे।
Your voice belongs here.
Share a thought, a poem or a story with the community.
Start writing ↗