Latest Shayari

Posted On: 04-09-2017

जहाँ भी ज़िक्र हुआ सुकून का.. वहीँ तेरी बाहोँ की तलब लग जाती हैं।

Posted On: 04-09-2017

गलतफहमी की गुंजाईश नहीं सच्ची मोहब्बत में, जहाँ किरदार हल्का हो, कहानी डूब ही जाती है।

Posted On: 04-09-2017

मोहब्बत की शतरंज में वो बड़ा चालाक निकला, दिल को मोहरा बना कर हमारी जिन्दगी छीन ली।

Posted On: 04-09-2017

मुझे तलाश है उन रास्तों कि, जहां से कोई गुज़रा न हो, सुना है.. वीरानों मे अक्सर, जिंदगी मिल जाती है।

Posted On: 04-09-2017

कागज के बेजान परिंदे भी उड़ते है, जनाब, बस डोर सही हाथ में होनी चाहिए।

Posted On: 04-09-2017

शायरी भी एक खेल है शतरंज का, जिसमे लफ़्ज़ों के मोहरे मात दिया करते हैं एहसासों को।

Posted On: 04-09-2017

मुझको छोड़ने की वजह.. तो बता देते, मुझसे नाराज थे या मुझ जैसे हजारों थे।

Posted On: 04-09-2017

कोशिश हज़ार की के इसे रोक लूँ मगर, ठहरी हुई घड़ी में भी.. ठहरा नहीं ये वक्त।

Posted On: 04-09-2017

एक चाहत थी.. तेरे साथ जीने की, वरना, मोहब्बत तो किसी से भी हो सकती थी।

Posted On: 01-09-2017

"एक सुनार था, उसकी दुकान से मिली हुई एक लोहार की दुकान थी। सुनार जब काम करता तो उसकी दुकान से बहुत धीमी आवाज़ आती, किन्तु जब लोहार काम करता तो उसकी दुकान से कानों को फाड़ देने वाली आवाज़ सुनाई देती। एक दिन एक सोने का कण छिटक कर लोहार की दुकान में आ गिरा। वहाँ उसकी भेंट लोहार के एक कण के साथ हुई। सोने के कण ने लोहे के कण से पूछा- भाई हम दोनों का दुख एक समान है, हम दोनों को ही एक समान आग में तपाया जाता है और समान रूप ये हथौड़े की चोट सहनी पड़ती है। मैं ये सब यातना चुपचाप सहता हूँ, पर तुम बहुत चिल्लाते हो, क्यों? लोहे के कण ने मन भारी करते हुऐ कहा- तुम्हारा कहना सही है, किन्तु तुम पर चोट करने वाला हथौड़ा तुम्हारा सगा भाई नहीं है। मुझ पर चोट करने वाला लोहे का हथौड़ा मेरा सगा भाई है। परायों की अपेक्षा अपनों द्वारा दी गई चोट अधिक पीड़ा पहुचाँती है" दिल को छू जाने वाली बात

Posted On: 28-08-2017

अक्सर ठहर कर देखता हूँ अपने पैरों के निशान को, वो भी अधूरे लगते हैं... तेरे साथ के बिना।

Posted On: 28-08-2017

मेरी ये बेचैनियाँ... और उन का कहना नाज़ से, हँस के तुम से बोल तो लेते हैं और हम क्या करें।

Posted On: 28-08-2017

हर साँस में उनकी याद होती है, मेरी आंखों को उनकी तलाश होती है, कितनी खूबसूरत है चीज ये मोहब्बत, कि दिल धड़कने में भी उनकी आवाज होती है।

Posted On: 28-08-2017

सितम को हम करम समझे, जफा को हम वफा समझे, जो इस पर भी न समझे वह तो उस बुत को खुदा समझे।

Posted On: 28-08-2017

ना हीर की तमन्ना है, ना परियों पर मरता हूँ, एक भोली-भाली सी लड़की है, मैं जिससे मोहब्बत करता हूँ।