Hindi Shayari

Posted On: 04-09-2017

कागज के बेजान परिंदे भी उड़ते है, जनाब, बस डोर सही हाथ में होनी चाहिए।

Posted On: 04-09-2017

शायरी भी एक खेल है शतरंज का, जिसमे लफ़्ज़ों के मोहरे मात दिया करते हैं एहसासों को।

Posted On: 04-09-2017

मुझको छोड़ने की वजह.. तो बता देते, मुझसे नाराज थे या मुझ जैसे हजारों थे।

Posted On: 04-09-2017

कोशिश हज़ार की के इसे रोक लूँ मगर, ठहरी हुई घड़ी में भी.. ठहरा नहीं ये वक्त।

Posted On: 10-08-2017

क्या अब भी तुमको चरागों की जरुरत है, हम आ गए है अपनी आँखों में वफ़ा की रौशनी ले कर।

Posted On: 10-08-2017

अजीब सा हाल है कुछ इन दिनों तबियत का, ख़ुशी ख़ुशी नही लगती और ग़म बुरा नही लगता।

Posted On: 10-08-2017

हर कदम पर जिन्दगी एक नया मोड लेती है, कब न जाने किसके साथ एक नया रिशता जोड देती है।

Posted On: 10-08-2017

नफरत के बाजार में मोहब्बत बेचते है, कीमत में सिर्फ और सिर्फ दुआ ही लेते है।

Posted On: 10-08-2017

मोहब्बत हमारी भी, बहुत असर रखती है, बहुत याद आयेंगे, जरा भूल के तो देखो।

Posted On: 10-08-2017

जिन्हे सांसो की महक से ईश्क महसूस ना हो, वो गुलाब देने भर से हाल-ए-दिल क्या समझेंगे।

Posted On: 10-08-2017

इतनी दिलक़श आँखें होने का, ये मतलब तो नही.. कि, जिसे देखो.. उसे दिवाना कर दो।

Posted On: 10-08-2017

हम ने रोती हुई आँखों को हसाया है सदा, इस से बेहतर इबादत तो नहीं होगी हमसे।

Posted On: 03-08-2017

दीवाना उस ने कर दिया एक बार देख कर, हम कर सके न कुछ भी लगातार देख कर। वो जिसकी याद मे हमने खर्च दी जिन्दगी अपनी, वो शख्श आज मुझको गैर कह के चला गया। जो उनकी आँखों से बयां होते हैं, वो लफ्ज़ शायरी में कहाँ होते हैं।

Posted On: 03-08-2017

मोहब्बत हमारी भी, बहुत असर रखती है, बहुत याद आयेंगे, जरा भूल के तो देखो। जिन्हे सांसो की महक से ईश्क महसूस ना हो, वो गुलाब देने भर से हाल-ए-दिल क्या समझेंगे। नफरत के बाजार में मोहब्बत बेचते है, कीमत में सिर्फ और सिर्फ दुआ ही लेते है। हर कदम पर जिन्दगी एक नया मोड लेती है, कब न जाने किसके साथ एक नया रिशता जोड देती है। अजीब सा हाल है कुछ इन दिनों तबियत का, ख़ुशी ख़ुशी नही लगती और ग़म बुरा नही लगता। क्या अब भी तुमको चरागों की जरुरत है, हम आ गए है अपनी आँखों में वफ़ा की रौशनी ले कर।

Posted On: 03-08-2017

वो पिला कर जाम लबों से अपनी मोहब्बत का, अब कहते हैं नशे की आदत अच्छी नहीं होती। हम ने रोती हुई आँखों को हसाया है सदा, इस से बेहतर इबादत तो नहीं होगी हमसे। इतनी दिलक़श आँखें होने का, ये मतलब तो नही.. कि, जिसे देखो.. उसे दिवाना कर दो। जिन्हे सांसो की महक से ईश्क महसूस ना हो, वो गुलाब देने भर से हाल-ए-दिल क्या समझेंगे।