Hindi Shayari

Posted On: 15-09-2016

डूबते हैं तो पानी को दोष देते हैं, गिरते हैं तो पत्थर को दोष देते हैं, इंशान भी क्या अजीब हैं दोस्तों.. कुछ कर नहीं पाता तो किस्मत को दोष देते है

Posted On: 15-09-2016

याद करते है तुम्हे तनहाई में, दिल डूबा है गमो की गहराई में, हमें मत धुन्ड़ना दुनिया की भीड़ में, हम मिलेंगे में तुम्हे तुम्हारी परछाई में.

Posted On: 15-09-2016

ज़िन्दगी लहर थी आप साहिल हुए, न जाने कैसे हम आपकी दोस्ती के काबिल हुए, न भूलेंगे हम उस हसीं पल को, जब आप हमारी छोटी सी ज़िन्दगी में शामिल हुए.

Posted On: 15-09-2016

न दिल में बसाकर भुलाया करते हैं, ना हँसकर रुलाया करते हैं, कभी महसूस कर के देख लेना, हम जैसे तोह दिल से रिश्ते निभाया करते है.

Posted On: 15-09-2016

यादों मैं हमारी वो भी खोये होंगे, खुली आँखों से कभी वो भी सोए होंगे, माना हँसना है अदा ग़म छुपाने की, पर हँसते-हस्ते कभी वो भी रोए होंगे.

Posted On: 15-09-2016

चाहत वो नहीं जो जान देती है, चाहत वो नहीं जो मुस्कान देती है, ऐ दोस्त चाहत तो वो है, जो पानी में गिरा आंसू पहचान लेती हैं.

Posted On: 15-09-2016

फर्क होता है खुदा और फ़क़ीर में, फर्क होता है किस्मत और लकीर में.. अगर कुछ चाहो और न मिले तो समझ लेना.. कि कुछ और अच्छा लिखा है तक़दीर में।

Posted On: 15-09-2016

बेजान चीज़ो को बदनाम करने के तरीके कितने आसान होते है….! लोग सुनते है छुप छुप के बाते , और कहते है के दीवारो को भी कान होते हैं !!

Posted On: 15-09-2016

राह संघर्ष की जो चलता है, वो ही संसार को बदलता है। जिसने रातों से जंग जीती है, सूर्य बनकर वही निकलता है।

Posted On: 15-09-2016

भरोसा खुद पर रखो तो.. ताकत बन जाती है, और दूसरों पर रखो तो.. कमजोरी बन जाती है!!

Posted On: 15-09-2016

खामोश बैठें तो लोग कहते हैं उदासी अच्छी नहीं, ज़रा सा हँस लें तो मुस्कुराने की वजह पूछ लेते हैं !

Posted On: 12-09-2016

लग जा गले के फिर ये, हसीं रात हो ना हो शायद फिर इस जनम में मुलाक़ात हो ना हो हम को मिली हैं आज ये घड़ियाँ नसीब से जी भर के देख लीजिये, हमको करीब से फिर आप के नसीब में, ये बात हो ना हो शायद फिर इस… पास आईये के हम नहीं आयेंगे बार-बार बाहें गले में डाल के, हम रो लें जार-जार आँखों से फिर ये प्यार की बरसात हो ना हो

Posted On: 11-09-2016

हिम्मत ए रौशनी बढ़ जाती है, हम चिरागों की इन हवाओं से, कोई तो जा के बता दे उस को, चैन बढता है बद्दुआओं से…

Posted On: 11-09-2016

"आप की दुनिया के बेरंग अंधेरों के लिए रात भर जाग कर एक चाँद चुराया मैंने रंग धुंधले हैं तो इनका भी सबब मैं ही हूँ एक तस्वीर को इतना क्यूँ सजाया मैंने

Posted On: 11-09-2016

गमों को आबरू अपनी खुशी को गम समझते हैं जिन्हें कोई नहीं समझा उन्हें वस हम समझते हैं कशिश जिन्दा है अपनी चाहतों में जानेजा क्योंकि हमें तुम कम समझती हो तुम्हें हम कम समझते हैं।