Latest Shayari

Posted On: 22-11-2018

दुनिया को आग लगाने की कोई जरूरत नही, तुम मेरे साथ चलो, दुनिया तो वैसे ही जल जायेगी👈 ! !

बहुत कुछ खोया है एक तुझे पाने के खातिर लेकिन नसीब देखों मिले तुम भी नही I miss you

अब तक खून नहीं खौला ओ खून नहीं पानी है जो देश के काम ना आय ओ बेकार जवानी है

Posted On: 08-11-2018

चमक रहा हूँ जो सूरज की तरह तो सब हैरान हैं क्यों? मेरी सफलता से सब इतना परेशान हैं क्यों? हर रात टकराया हूँ मैं इक नई मुसीबत से नई सुबह के लिए सबको दिखा हुनर मेरा लेकिन किसी ने न पूछा की ये जख्मों के निशान हैं क्यों?

Posted On: 05-11-2018

Dil Ki Gehraaion Se Aaj Ye Ikraar Karte Hain Hum Mohabbat Aapse Beshumaar Karte Hain Tanha Raton Mein Jab Palkein Khamosh Hon Bus Aap Hi Ke Sapno Se Is Dil Ko Gulzaar Karte Hain

Posted On: 04-11-2018

Chahat badne lagithhi . Dilki dhhadkan vi badne lagi thhi. Tera ane ka intijar dhire dhire kam hone lagithhi. Tera pyar paneki chakar me apne apko or apno she dur hone lagi thhi. Ai pyar ko bewafa kehne lage thhe kuchh log. Apna dil vi apne apshe kehne lagi thhi. Ushne wo dikhaya hua wo pyar or wada sabkuchh dhha thhi. Jishse mujhe jane me bahat der kardi me bahat der kardi😓😓😓😓

Posted On: 23-10-2018

मेरी दोस्ती का हिसाब जो लगाओगे तो मेरी दोस्ती को बेहिसाब पाओगे, पानी के बुलबुलों की तरह है हमारी दोस्ती, अगर जरा सी ठेस पहुँची तो ढूंढ़ते रह जाओगे।

हमारा ज़िक्र भी अब जुर्म हो गया है वहाँ, दिनों की बात है महफ़िल की आबरू हम थे, ख़याल था कि ये पथराव रोक दें चल कर, जो होश आया तो देखा लहू लहू हम थे।

अब ना मैं हूँ, ना बाकी हैं ज़माने मेरे​, फिर भी मशहूर हैं शहरों में फ़साने मेरे​, ज़िन्दगी है तो नए ज़ख्म भी लग जाएंगे​, अब भी बाकी हैं कई दोस्त पुराने मेरे।

फलसफा समझो न असरारे सियासत समझो, जिन्दगी सिर्फ हकीक़त है हकीक़त समझो, जाने किस दिन हो हवायें भी नीलाम यहाँ, आज तो साँस भी लेते हो ग़नीमत समझो।

Dukh se bhar jaata hu Jab bhool jata hu khudko...!! Jab yaad aata hai apna wajood Khud ko khushiyon ka samandar pata hu!!! ~ Rahul ❣

Samjhata hu khud ko ki tujhe bhool gya hu main, Samjhata hu khud ko ki aage badh gya hu main, Lekin khud se baatein karne ka jee nhi karta ab... Kyuki jab jab khud ke karib aata hu bs tujhko hi to pata hu... Tu itna kaise bas gya mujhme! Kehte hain mohabbat zismon se shuru hoti hai is jahan mein.. Lekin main to mila tak nhi tujhse.. Na kabhi chhua hai tere is zism ko! Fir kaise jud gya tu meri rooh se!!

Posted On: 07-10-2018

The deal has done something like your dreams, from my sleep .., Either both come, or no one comes