Latest Shayari

Tum bass sath raho mere, main nayi dastan likhta rahunga tum bass pass baitho mere tumhe shabdon me badalta rahunga. tum ho to ye andaj hai mera, tere hone se hin to hona hai mera tum ho to ye hunar bhi hai, warna kahan meri kadar bhi hai.

Posted On: 28-11-2018

दिल देता है दुआ ये नयी पहचान बन कर, दूर चले जाएंगे हम तेरी जिंदगी से एक उभरा हुआ तूफान बन कर। खुश रहना तू हमेशा उसकी पनाह में। जो बसा है तेरे दिल में तेरी पहचान बन कर।

Posted On: 28-11-2018

अब क्या सुनाऊं अपनी मोहब्बत की दास्तान ये दोस्तो । उसकी चाहतो ने दीवाना बनाया , और उसकी बेबसी ने सायर।।।

Posted On: 28-11-2018

मेरे हाथो में तू अपना हाथ दे के तो देख पगली , जिंदगी गुजार जाएगी । पर तेरा साथ ना छूटेगा

Posted On: 28-11-2018

दिल देता है दुआ ये नयी पहचान बन कर, दूर चले जाएंगे हम तेरी जिंदगी से एक उभरा हुआ दुफन बन कर। खुश रहना तू हमेशा उसकी पनाह में। जो बसा है तेरे दिल में तेरी पहचान बन कर।

Posted On: 25-11-2018

आंधियों को जिद है जहां बिजलियां गिराने की, मुझे भी जिद है, वही आशियां बसाने की !! तुम सपने देखते हो सपनों को हकीकत बताने की मुझे आदत है सपनो को हकीकत बनाने की !!

Posted On: 24-11-2018

मलाई सम्जेर कहिलै नरुनु तिमी , किन कि तिमी लाई मैले खुशी दिन सकेकै छैन कहिलै याद नगरनु मलाई ,किन कि मैले याद गर्न लायक तिम्रो लागि कही गरेकै छैन

Posted On: 22-11-2018

दुनिया को आग लगाने की कोई जरूरत नही, तुम मेरे साथ चलो, दुनिया तो वैसे ही जल जायेगी👈 ! !

बहुत कुछ खोया है एक तुझे पाने के खातिर लेकिन नसीब देखों मिले तुम भी नही I miss you

अब तक खून नहीं खौला ओ खून नहीं पानी है जो देश के काम ना आय ओ बेकार जवानी है

Posted On: 08-11-2018

चमक रहा हूँ जो सूरज की तरह तो सब हैरान हैं क्यों? मेरी सफलता से सब इतना परेशान हैं क्यों? हर रात टकराया हूँ मैं इक नई मुसीबत से नई सुबह के लिए सबको दिखा हुनर मेरा लेकिन किसी ने न पूछा की ये जख्मों के निशान हैं क्यों?

Posted On: 05-11-2018

Dil Ki Gehraaion Se Aaj Ye Ikraar Karte Hain Hum Mohabbat Aapse Beshumaar Karte Hain Tanha Raton Mein Jab Palkein Khamosh Hon Bus Aap Hi Ke Sapno Se Is Dil Ko Gulzaar Karte Hain

Posted On: 04-11-2018

Chahat badne lagithhi . Dilki dhhadkan vi badne lagi thhi. Tera ane ka intijar dhire dhire kam hone lagithhi. Tera pyar paneki chakar me apne apko or apno she dur hone lagi thhi. Ai pyar ko bewafa kehne lage thhe kuchh log. Apna dil vi apne apshe kehne lagi thhi. Ushne wo dikhaya hua wo pyar or wada sabkuchh dhha thhi. Jishse mujhe jane me bahat der kardi me bahat der kardi😓😓😓😓