जब तक तू मेरे साथ है, मैं हर पल तेरा साथ निभाऊंगा, तु मुझे छोड़ कर चली जाएगी ना, तब भी मैं हर मुश्किल में तेरे साथ नजर आऊंगा ,अगर तेरी खुशी किसी और के साथ है , तो तू उसके साथ चली जाना अरे मैं तो वो आशिक हूं ,बस तेरी गमों को अपना बनाऊंगा।। Yashraj
अये बेवफा मैं तेरी बेवफाई में दिल बेकरार ना करूं, अगर तू कह दे तो मैं तेरा इंतजार ना करू, अगर तू है बेवफ़ा, तो कुछ इस कदर बेवफाई कर, कि तेरे बाद मैं किसी और से प्यार ना करू ।। Yashraj
कोई हमारी तरह चाहे तो बताना, कोई हमारी तरह तेरे नखरे उठाए तो बताना, अरे Love you कहने वाले तो जाने कितने है, पर कोई हमारी तरह I Love you कहे तो बताना! Yash raj
आसमान की बुलंदियों पर नाम हो आपका, चांद की धरती पर मुकाम हो आपका, हम तो रहते हैं एक छोटी सी दुनिया में, पर खुदा करे यह सारा जहान हो आपका! Yashraj
नजर में तुम्हारी नज़ारे रहेंगे, पलकों पर चाँद सितारे रहेंगे,, बदल जाये तो बदले ये ज़माना, हम तो हमेशा #तुम्हारे #दीवाने_रहेंगे
एक दिन मैंने ........... दिल की सुनी थी ... . अब हर रोज .... दिल मुझे सुनाता है ...
"अब तक महक रहा हैं मेरा दिल-ऐ-आस्तां, पांव रख कर गयी हैं जब से तू दिल-ऐ-आंगन में |" - Jayy Gosvammi आस्तां - Residence
Dekhna ho Unhe to door se dekha karna Ishq ka kaam Nahi husn ko ruswa karna
Aur fir Tu mera Naa huwa Jab se dekha he tumhe dilse,, bejaar Ho Gaya Aankho,n me dekhTe hi giraftaar Ho gaya!!
पूछ ना उस कागज़ के टुकड़े से ... जिस पर हम दिल की बात लिखते हैं ... . वो कलम भी दीवानी हो गई .... जिससे हम तुम्हारा नाम लिखते हैं .... Yashraj
पूछ ना उस कागज़ के टुकड़े से ... जिस पर हम दिल की बात लिखते हैं ... . वो कलम भी दीवानी हो गई .... जिससे हम तुम्हारा नाम लिखते हैं .... Yash raj
You, n. Naa Samajh tere door hone he mere ishk me kami hogi Gaflat me he tu ke chand ki Roshni me kami hogi
सच कहूँ तो मुझे एहसान बुरा लगता है, जुल्म सहता हुआ इंसान बुरा लगता है, कितनी मसरुक हो गयी है ये दुनिया, एक दिन ठहरे तो मेहमान बुरा लगता है।
हम तो तेरे दिल की महफ़िल सजाने आए थे; तेरी कसम तुझे अपना बनाने आए थे; किस बात की सजा दी तुने हमको बेवफा; हम तो तेरे दर्द को अपना बनाने आए थे।
तुम्हीं पे मरता है ये दिल, अदावत क्यों नहीं करता कई जन्मों से बंदी है, बग़ावत क्यों नहीं करता कभी तुम से थी जो वो ही शिक़ायत है जमाने से मेरी तारीफ़ करता है मुहब्बत क्यों नहीं करता...
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