Love Shayari

Posted On: 14-10-2019

Posted On: 11-10-2019

इतना नशा कहां है इन मयखानों में, जितना नशा है उसकी आँखों के पैमानों में | - Jayy Gosvammi

ଏକା ଏକା ଆଉ ଭଲ ଲାଗୁନାହିଁ ତୁମ ବିନା କିଛି ମୋତେ ଭାବି ମୁଁ ନଥିଲି କେହି ଜଣେ ମୋତେ ଭଲତ ପାଇବ ଏତେ ©ଜୀବନ ଜ୍ୟୋତି ପଣ୍ଡା

ଜୀବନ ରେ ବଞ୍ଚିବାକୁ ଆଖି କୁ ନୁହେଁ ଆଖିର ଦେଖା କୁ ଭରସା କରିବାକୁ ହୁଏ ମୋତେ ବଞ୍ଚିବାକୁ କାହାର ବି ନୁହେଁ କେବଳ ତୋର ଦରକାର ଅଛି ©ଜୀବନ ଜ୍ୟୋତି ପଣ୍ଡା

Posted On: 20-09-2019

Tum par koi musibat ane na duga or agar musibat aabhi gyi to tujhe sine me chipa luga or sari musibat se bacha kar tujhe apna bna luga...

ଶ୍ରାବଣ ଧାରାରେ ଭାଷି ଜାଉଥିଲା ମୋ ମନ ର କେତେ କଥା ତୁମେ ଯଦି ପ୍ରିଆ ଧୋକା ଦିଅ ମୋତେ ତୁଟି ଯିବ ସବୁ ବେଥା ®- ଜୀବନ ଜୋତି ପଣ୍ଡା

Posted On: 05-09-2019

Aap hume chaho ya na chaho, hum apko chahate rahenge. Aap hume yaad karo ya na karo, hum apko yaad karte rahenge. Aaj ap humse kuch kaho ya na kaho lekin hum ye kehejayenge ki Aap humse pyar karo ya na karo Hum Humesha apse pyar karte rahenge

Posted On: 31-08-2019

Mera katra katra mujh mein tere hone ki gawahi deta hai... Kya kam hai kya kam hai ki mjhe har jgha bas tu hi dikhai deta hai...

Posted On: 22-08-2019

कहना मेरा सच मान चाॅंद सितारे है इतने मशहूर क्यूॅं? कॅबख्त इनसे भी खुबसुरत है तु..!

Posted On: 13-08-2019

Posted On: 08-08-2019

Bhave kar gyi block pachtondi taan hovegi, Jida sannu aaondi ae yaad ohnu v taan aaondi hovegi, Sannu krke block o chain naal taan ni soyi hovegi, Jina asin roye chal ohna ni par thorra boht taan jrur royi hovegi, ✍🏻Simar soni

Posted On: 25-07-2019

پھر یوں ہوا کہ بات اس کے برعکس نکلی شاید وہ وہیں کھڑا مسکرا رہا تھا مدہوشی سی چھا رہی ہے بدن میں مانو جیسے دلدل میں سما جا رہا تھا خشک غلاب ہونٹ جو رکھے اس نے عشق پر چھاتی سے ران بھگوتا چلا جارہا تھا اٹھائے لباس چوپڑا دور ایک کونے میں چلائیں جیسے خودکشی کرنے جارہا تھا بلا کر کان میں بولی پیار ہوگیا اقبال جھکائے سر چونکہ عشق ختم ہوتا جا رہا تھا

Posted On: 22-07-2019

Uski Lahee raha te hui zulfaee kya jadu kargai....uski lahee raha te hui zulfee kya jadu kargai.........lahee raahe ese ke mano duniya taabha kargai

गजल सायरी;आसुको ताल नबनाउ ---------लाक्पा शेर्पा समर्पित--------- = जीन्दगीलाई तिमी, आसुको ताल नबनाउ॥ समुन्द्रको पानी जस्तै,बग्ने छाल नबनाउ॥ = माया पाउन सबैलाई माया दिनु जान्नुपर्छ॥ दुनियालाई दुखदिने खराब चाल नबनाउ॥ = हुन्छन सबैका तिम्रा जस्तै सानाठुला सपना॥ षडयन्रले भरिएको माकुरा झै जाल नबनाउ॥ = जुराएका हुन्छन ईश्बरले मित्र फरक सबैलाई॥ पानी बिनाको माछा जस्तै हाल नबनाउ॥ = आजको समय भोलीफेरि घुमी फर्कि आउदैन॥ यो बर्षलाई पिडादायी नभुल्ने साल नबनाई॥ = गजलकार :- लाक्पा शेर्पा समर्पित Youtube :- TechLakpaTv