Tere Aane se Meri bikhri hui jindagi smbhal gayi? Tha kya mai phele aur tu ab mujhe kya bnagayi Na phele kisi ko itna chah ? Na mai phele kisi le kiya itna tadpa Door hoke mujh se jitna tu tadpagayi ? -Shayar Kumar
मोहब्बत तो हमेशा से आसान रही है, इसे जिस्म से जोड़कर लोगों ने पेचीदा बना दिया !!
इश्क किया था हमने भी, हम भी रातों को जागे थे, था कोई जिसके पीछे हम नंगे पांव भागे थे!!
नजरें तुम्हें देखना चाहे तो आंखों का क्या कसूर, हर पल याद तुम्हारी आए तो सांसो का क्या कसूर, वैसे तो सपने पूछ कर नहीं आते, पर सपने तेरी ही आए तो हमारा क्या कसूर!!
अहसास लिखूंँ जज्बात लिखूंँ या तेरी शोख अदाओं का अंदाज लिखूंँ, मेरे जहन में वो लफ्ज़ कहाँ कि तेरे हुस्न की तमाम बात लिखूँ!!
रूह को चाहने वाले अब तो शायर हो गए, जिस्मों को चाह रखने वाले आशिकी में माहिर हो गए!!
इन होठों पे वही ख्वाहिश है, दिल में भी वही अफ़साने हैं, तू अब भी मदहोश गजल है, हम आज भी तेरे दीवाने हैं!!
चाहे जितनी रहूँ मशरूफ जितने हो काम.... मन के किसी कोने में गूंजता है तेरा नाम....!!
ना निकाह है ना फेरे है,, बस एहसासों से हम तेरे है.....
मत आना मेरे दिल की गहराइयों में, एक बार डूबोगे तुम, तो फिर ना जमीन मिलेगी, ना ही आसमान देख पाओगे, दिल में ही कहीं गुम हो जाओगे!!
तुम्हे देखणे की ख्वाहीश बरसोसे लगा रखी है बस सामने आनेसे डरता हून अगर दिलं लगाया फिरसे तुम्हसे तो बिछडणे से डरता हून दिलं थम जायेगा मेरा अब अगर पहचानेसे ईन्कार कर दिया तुमने क्यूकी दोबारा मरणे से अब डरता हून.....
सच्चा प्यार है तभी तो इंतजार है, वरना आज के जमाने में तो एक के बाद दूसरा तैयार है!!!
हमसे हमारी उम्र ना पूछना ऐ दोस्तों, हम तो इश्क हैं, हमेशा ही जवां रहते हैं!
अपने चेहरे से जो ज़ाहिर है छुपाएँ कैसे, तेरी मर्जी के मुताबिक नजर आएँ कैसे!!
एक चेहरा मुस्कुराता रोज सामने आता है, बिखरी बिखरी जिंदगी, कुछ-कुछ सवऀँर जाता है!
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